भारत में प्रागैतिहासिक समुदायों की बसावट और आवागमन को आकार देने में भू-आकृति, जलवायु और वनस्पति की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इतिहास वैकल्पिक — प्रश्नपत्र 1
मानचित्र पर अंकित स्थानों की पहचान कीजिए और प्रत्येक पर लगभग 30 शब्दों की संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। स्थान-संकेत:
- हड़प्पाकालीन दफन स्थल
- रेडियल नगर-योजना वाला हड़प्पा स्थल
- जैन गुफा-चित्रकला स्थल
- बड़े महापाषाण डोलमेन समूह
- प्राचीन बंदरगाह
- प्राचीन राजधानी
- मध्यपाषाण-ताम्रपाषाण स्थल
- प्रारंभिक मध्यकालीन मंदिरों का समूह
- प्राचीन राजधानी
- महापाषाण स्थल
- नवपाषाण स्थल
- टेराकोटा रिंग-वेल स्थल
- मौर्यकालीन किला
- प्राचीन बौद्ध स्थल
- मध्यपाषाण स्थल
- महापाषाण दफन स्थल
- नवपाषाण राख-टीला स्थल
- मठ, स्तूप और शिव मंदिर के प्रमाण वाला स्थल
- पाँच सांस्कृतिक अवस्थाओं वाला ताम्रपाषाण एवं प्रारंभिक ऐतिहासिक स्थल
- बौद्ध स्थल
“हड़प्पा स्थापत्य पर्यावरणीय अनुकूलन, तकनीकी तर्कशीलता और शहरी सौंदर्यबोध की एकीकृत दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है और मात्र कार्यात्मकता से आगे जाता है।” परीक्षण कीजिए।
“यूनानी लेखकों ने भारत को मुख्यतः राजनीतिक दृष्टि से, चीनी यात्रियों ने धार्मिक दृष्टि से और अरब विद्वानों ने वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से देखा।” टिप्पणी कीजिए।
“ईरानी और मकदूनियाई आक्रमणों ने प्रशासनिक प्रभाव, राजनीतिक परिवर्तन और सांस्कृतिक अंतःक्रिया के माध्यम से प्राचीन भारत को पुनर्गठित किया।” समीक्षा कीजिए।
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद शुंग और कण्व राजवंशों के अधीन उत्तर भारत में हुए राजनीतिक और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तनों का मूल्यांकन कीजिए।
“राजकीय संरक्षण और धार्मिक संस्थाओं ने नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी को प्रमुख शिक्षण केन्द्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।” स्पष्ट कीजिए।
“होयसला मंदिर स्थापत्य दक्षिण भारतीय कला और स्थापत्य के विकास में विशिष्ट एवं नवोन्मेषी चरण का प्रतिनिधित्व करता है।” उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।
प्राचीन भारत की सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक विचारों और बौद्धिक परंपराओं को आकार देने में वैदिक युग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
“सातवाहनों ने दक्कन में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम ही नहीं किया, बल्कि व्यापार, नगरीकरण और सांस्कृतिक एकीकरण को भी सुदृढ़ किया।” समीक्षा कीजिए।
दिल्ली सल्तनत के स्थापत्य-विकास के अध्ययन के लिए मेहरौली स्थित कुतुब परिसर को आदर्श नमूना किस सीमा तक माना जा सकता है? विश्लेषण कीजिए।
“साम्राज्यवादी शक्ति के रूप में चोलों की सफलता केवल प्रशासनिक दक्षता पर नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित सेना और शक्तिशाली नौसेना पर भी आधारित थी।” मूल्यांकन कीजिए।
मुगल चित्रकला में कौन-से यूरोपीय तत्व समाहित हुए? क्या उन्होंने पारंपरिक फारसी प्रभाव को समाप्त कर दिया? मूल्यांकन कीजिए।
“सूफियों ने ऐसा वातावरण बनाया जिसमें विभिन्न संप्रदायों और धर्मों के लोग शांति और सद्भाव से रह सकते थे।” चर्चा कीजिए।
“मुहम्मद-बिन-तुगलक की सांकेतिक मुद्रा योजना मध्यकालीन भारत में एक नवाचारी आर्थिक प्रयोग थी, पर उसकी विफलता ने मध्यकालीन अर्थव्यवस्था पर राज्य नियंत्रण की सीमाएँ उजागर कर दीं।” मूल्यांकन कीजिए।
राजपूतों की उत्पत्ति से संबंधित सिद्धांतों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। स्वदेशी साक्ष्य यूरोपीय सिद्धांतकारों का किस प्रकार खंडन करते हैं?
अलाउद्दीन आलम शाह द्वारा बहलोल लोदी के पक्ष में सत्ता त्याग लोदी वंश की तत्काल स्थापना में क्यों परिणत नहीं हुआ? स्पष्ट कीजिए।
बरनी के तारीख-ए-फिरोजशाही का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए और उसके विवरण की सीमाओं की पहचान कीजिए।
पुर्तगाली व्यापारी डोमिंगो पेस के कृष्णदेवराय के शासन-वर्णन के आधार पर विजयनगर साम्राज्य की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं का आकलन कीजिए।
अकबर से औरंगजेब तक मुगल सम्राटीय सत्ता के निर्माण की प्रक्रिया का अनुशीलन कीजिए। मुगल राजसत्ता के निर्माण में फारसी राजत्व-विचारों के प्रभाव पर केन्द्रित रहिए।
“एशिया से यूरोप तक, सिर से पाँव तक हर व्यक्ति भारतीय वस्त्रों में था।” वस्त्रों के विशेष संदर्भ में भारत के विदेशी व्यापार का आलोचनात्मक विवरण प्रस्तुत करते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए।
मुगलों के अधीन स्थापत्य और चित्रकला के विकास पर फारसी परंपराओं के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए। इन कलारूपों ने भारतीय और फारसी सांस्कृतिक तत्वों के संश्लेषण को किस सीमा तक प्रतिबिंबित किया?
क्या आप भारत की 18वीं शताब्दी को ‘अंधकार युग’ मानेंगे या आर्थिक वृद्धि का काल? स्पष्ट कीजिए।
शिवाजी से पेशवा बालाजी बाजीराव तक मराठा राज्यव्यवस्था के विकास का अनुशीलन कीजिए। पानीपत के तृतीय युद्ध (1761) का मराठा राज्य पर क्या प्रभाव पड़ा?