प्रश्न 5 10 अंक · 150 शब्द
क्या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग जैसे संवैधानिक निकायों के पास वास्तविक सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रवर्तन शक्तियाँ हैं? उनकी संस्थागत प्रभावशीलता बढ़ाने के उपाय सुझाइए।