UPSC Mains 2025

इतिहास वैकल्पिक — प्रश्नपत्र 2

250 अंक3 घंटेखंड A + B
खंड Aआधुनिक भारत
प्रश्न 1
(a)10 अंक

“अपने उदय की आकस्मिकता, अपनी सफलताओं की चमक तथा अपने पराभव की पूर्णता में सिख राजतन्त्र नेपोलियन की भाँति था।”

(b)10 अंक

“पेशवाओं के अधीन मराठा व्यवस्था में घरेलू (आन्तरिक) मतभेदों का बीजारोपण काफी घना तथा गहरा था।”

(c)10 अंक

“भगत सिंह और उनके साथियों ने क्रांति के उद्देश्य और दायरे को व्यापक रूप दिया, उसे केवल राजनीतिक उथल-पुथल तक सीमित न रखकर सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन का माध्यम बना दिया।”

(d)10 अंक

“1892 के भारतीय परिषद् अधिनियम की महत्त्वपूर्ण विशेषता चुनाव का सिद्धान्त थी जिसे इसमें पेश किया गया था, हालाँकि इसमें ‘चुनाव’ शब्द का प्रयोग बहुत सावधानी से टाला गया था।”

(e)10 अंक

“औपनिवेशिक शासन ने भारतीय बाजारों को इंग्लैंड-निर्मित उत्पादों के लिए खोल दिया तथा स्वदेशी हस्तशिल्प उद्योगों के ‘विउद्योगीकरण’ अथवा विनाश का मार्ग प्रशस्त कर दिया।”

प्रश्न 2
(a)20 अंक

क्या आप सहमत हैं कि बंगाल में 1793 में भू-राजस्व के स्थायी निर्धारण की अवधारणा पर प्रकृतिवादी सिद्धान्त विचारधारा का गहरा प्रभाव था? विवेचना कीजिए।

(b)20 अंक

“प्रेस की स्वतन्त्रता तथा नियन्त्रण, इन दोनों सिद्धान्तों के बीच खींचतान का प्रभाव औपनिवेशिक शासकों के प्रेस के प्रति उनके रवैये में महसूस होता है।” विवेचना कीजिए।

(c)10 अंक

“भाषाई राज्यों के लिए आंदोलन ने राष्ट्रवादी अभिजातवर्ग के बीच गहरी आशंकाएँ पैदा कीं। उन्हें डर था कि इससे भारत का विघटन (बाल्कनीकरण) हो जाएगा।” परीक्षण कीजिए।

प्रश्न 3
(a)20 अंक

“कर्नाटक युद्धों के दौरान, फ्रांसीसी स्थिति जिसने एक समय भारतीय विश्व को अपनी राजनीतिक सफलताओं से चकित कर दिया था, उसका अंत अपमान और विफलता में होना तय था।” व्याख्या कीजिए।

(b)20 अंक

भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना से सम्बन्धित ‘सुरक्षा वाल्व सिद्धान्त’ को हाल के शोधकर्ताओं द्वारा पूरी तरह से अस्वीकृत क्यों कर दिया गया है? विश्लेषण कीजिए।

(c)10 अंक

“गाँधी का आगमन राष्ट्रीय आंदोलन का भारतीयकरण था।” 1917-1922 के मध्य हुए उनके प्रारंभिक आन्दोलनों के सन्दर्भ में विश्लेषण कीजिए।

प्रश्न 4
(a)20 अंक

“सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आधुनिकीकरण के बीच तनाव ने 19वीं सदी के भारत में सामाजिक-धार्मिक सुधार आन्दोलनों की दिशा को आकार दिया।” विवेचना कीजिए।

(b)20 अंक

19वीं सदी के जनजातीय तथा कृषक विद्रोहों ने भारत में राष्ट्रवाद के उदय एवं विकास में किस प्रकार योगदान दिया? परीक्षण कीजिए।

(c)10 अंक

जातिगत अन्याय एवं असमानता को दूर करने के लिए 1947 के पश्चात् भारत सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदमों की विवेचना कीजिए।

खंड Bविश्व इतिहास
प्रश्न 5
(a)10 अंक

“फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हुई और इसके प्रथम चरण में अभिजात (कुलीन) वर्ग को विजय प्राप्त हुई।”

(b)10 अंक

“1832 के सुधार अधिनियम के साथ एक ऐसी विधायी पुनर्रचना की प्रक्रिया की शुरुआत हुई जिसकी ब्रिटिश इतिहास में कोई मिसाल नहीं मिलती।”

(c)10 अंक

“प्रथम विश्वयुद्ध ने केवल राजनीतिक प्रभाव ही उत्पन्न नहीं किए, इसने सोचने के तरीकों पर भी गहरा प्रभाव डाला।”

(d)10 अंक

“सोवियत संघ में तथा चीन में भी, यह दृढ़ विश्वास था कि उपनिवेशों में चल रहे साम्राज्य-विरोधी आन्दोलनों का परिणाम उन देशों के समाजवादी खेमे में शामिल होने के रूप में होगा।”

(e)10 अंक

“मार्क्स-पूर्व समाजवादी विचारकों ने समाजवादी समाजों की कल्पना, उन्हें प्राप्त करने या बनाए रखने के व्यावहारिक तंत्र पर पूरी तरह विचार किए बिना ही की।”

प्रश्न 6
(a)20 अंक

“19वीं सदी में राष्ट्रवाद एकीकरण और विघटन दोनों के लिए प्रेरक शक्ति था।” यूरोप और दुनिया के अन्य देशों से उदाहरण देकर समझाइए।

(b)20 अंक

“अमेरिकी क्रांति, कई मायनों में, राजनीतिक, नागरिक तथा धार्मिक क्षेत्रों में प्रबोधन की अभिव्यक्ति थी।” व्याख्या कीजिए।

(c)10 अंक

क्या नव-साम्राज्यवाद पुराने औपनिवेशिक तरीकों की निरन्तरता था या यह वैश्विक शक्ति संरचना में एक मौलिक परिवर्तन का संकेतक था? आलोचनात्मक विवेचना कीजिए।

प्रश्न 7
(a)20 अंक

“1932 के चुनावों तक, जर्मनी के शासक वर्गों को यह महसूस होने लगा था कि गहरे आर्थिक संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता यह है कि राजनीतिक सत्ता को एक सर्वसत्तावादी शासन को सौंप दिया जाय।” व्याख्या कीजिए।

(b)20 अंक

मिखाइल गोर्बाचेव के घरेलू सुधारों की प्रमुख विशेषताओं का आलोचनात्मक विवेचन कीजिए।

(c)10 अंक

“प्रबोधन के पादरी-प्रथा विरोध में पुनर्जागरण तथा सुधारवाद की भावनाएँ प्रतिध्वनित हुईं। फिर भी इसने न पुनर्जागरण के पैगनवाद का समर्थन किया और न ही सुधारवाद के विश्वास को साझा किया।” विवेचना कीजिए।

प्रश्न 8
(a)20 अंक

वियतनाम के गैर-साम्यवादी नेता, हिन्द-चीन के उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्ष को सफल नेतृत्व प्रदान करने में क्यों असफल रहे? विवेचना कीजिए।

(b)20 अंक

यूरोपीय आर्थिक समुदाय के मुक्त व्यापार की अवधारणा ने किस हद तक यूरोपीय संघ के निर्माण में योगदान दिया? परीक्षण कीजिए।

(c)10 अंक

20वीं सदी के प्रारम्भ में जर्मन समाज पर वैज्ञानिक शिक्षा तथा औद्योगिक विस्तार के बीच संबंधों के प्रभाव का परीक्षण कीजिए।