“व्यावसायीकरण के लिए उपनिवेशवाद का अपना विकृत तर्क था; विश्लेषण करने पर यह प्रायः कृत्रिम और बलपूर्वक प्रक्रिया प्रतीत होती है।”
इतिहास वैकल्पिक — प्रश्नपत्र 2
1857 के बाद “किसान कृषि आंदोलनों की मुख्य शक्ति के रूप में उभरे।”
“भारतीय जनता की जागृत राजनीतिक चेतना, ब्रिटिशों के अपमानजनक और कायरतापूर्ण व्यवहार के साथ मिलकर असहयोग आंदोलन की ओर ले गई।”
जब गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया, तब वे “एक प्रभावी सूत्र की बेचैन खोज में थे।”
“सत्ता हस्तांतरण के समय ब्रिटिश जिम्मेदारी का त्याग यदि संवेदनहीन था, तो जिस गति से यह किया गया उसने स्थिति को और खराब कर दिया।”
कर्नाटक युद्धों, आंग्ल-मैसूर युद्धों और आंग्ल-मराठा युद्धों ने दक्षिण भारत में प्रभुत्व की प्रतिस्पर्धा से फ्रांसीसियों को लगभग बाहर कर दिया था। चर्चा कीजिए।
1861 का भारतीय परिषद विधेयक प्रस्तुत करते समय अंग्रेजों का विचार था कि भारत के लिए उपयुक्त शासन ‘घर से नियंत्रित निरंकुशता’ ही हो सकता है। टिप्पणी कीजिए।
“नील विद्रोह के पीछे मूल प्रश्न रैयतों को बिना उचित मूल्य दिए नील उगाने के लिए बाध्य करने का संघर्ष था।” विश्लेषण कीजिए।
क्या आप सहमत हैं कि ‘पारंपरिक भारतीय कारीगर उत्पादन का पतन एक तथ्य था—दुःखद, किंतु अनिवार्य’? चर्चा कीजिए।
भारत के जनजातीय और किसान विद्रोहों का ऐतिहासिक महत्त्व इस बात में था कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के प्रतिरोध की मजबूत और मूल्यवान परंपराएँ स्थापित कीं। चर्चा कीजिए।
शिक्षा, राजनीतिक प्रचार तथा राष्ट्रवादी विचारधारा के निर्माण और प्रसार के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रेस मुख्य उपकरण बन गया। टिप्पणी कीजिए।
सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का सार्वभौमिक दृष्टिकोण केवल दार्शनिक चिंता नहीं था; उसने उस समय के राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण को गहराई से प्रभावित किया। परीक्षण कीजिए।
कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का एजेंडा कांग्रेस से अलग होना नहीं था, बल्कि कांग्रेस और राष्ट्रीय आंदोलन को समाजवादी दिशा देना था। विश्लेषण कीजिए।
1948 से 1953 के बीच हैदराबाद में विभाजित दलित नेतृत्व ने तीव्र पुनर्गठन की प्रक्रिया किस प्रकार देखी?
“अमेरिकी स्वतंत्रता युद्ध अंततः 1783 में तब समाप्त हुआ जब ब्रिटेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता स्वीकार की।”
“चार्टिस्ट आंदोलन ने न केवल मध्यवर्ग की कुछ मांगें पूरी कीं, बल्कि उसके प्रभाव श्रमिक वर्ग और उपनिवेशों तक भी पहुँचे।”
“1848 की क्रांतियाँ लोकतंत्र और राष्ट्रवाद के विचारों से आकार ग्रहण करती थीं।”
“1867 से 1902 के बीच दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटिश साम्राज्यवाद पर हीरा-खनन आधारित पूँजीवाद का गहरा प्रभाव था।”
“शीत युद्ध की समाप्ति के बाद अमेरिका की सर्वोच्चता के सामने भी चुनौतियाँ थीं।”
दार्शनिकों और चिंतकों ने फ्रांसीसी क्रांति की बुनियाद रखी होगी, पर उसका तात्कालिक विस्फोट सामाजिक और आर्थिक कारणों से हुआ। स्पष्ट कीजिए।
मार्क्सवादी समाजवाद स्वयं को मानव इतिहास की व्याख्या करने में सक्षम वैज्ञानिक समाजवादी सिद्धांत मानता है। चर्चा कीजिए।
प्रबोधन केवल वैज्ञानिक क्रांति तक सीमित नहीं था; मानवतावाद और प्रगति के विचार भी उसके अविभाज्य घटक थे। परीक्षण कीजिए।
औद्योगिक क्रांति का मध्यवर्गीय विश्वदृष्टि पर प्रभाव एडम स्मिथ, थॉमस माल्थस और जेरेमी बेंथम के विचारों में दिखाई देता है। टिप्पणी कीजिए।
1848 से 1870 में रोम के अधिग्रहण तक इटली के एकीकरण के विभिन्न चरणों की चर्चा कीजिए।
वर्साय की संधि में द्वितीय विश्वयुद्ध के बीज निहित थे। परीक्षण कीजिए।
“द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति पर संयुक्त राष्ट्र समय की आवश्यकता था।” उसकी उपलब्धियों और सीमाओं का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
दक्षिण-पूर्व एशिया में औपनिवेशिक-विरोधी आंदोलनों के उदय के ऐतिहासिक कारणों में सांस्कृतिक भिन्नताएँ, पश्चिमी शिक्षा का प्रसार और साम्यवादी विचारों का उभार शामिल थे। चर्चा कीजिए।
अरब राष्ट्रवाद केवल सांस्कृतिक आंदोलन नहीं था, बल्कि औपनिवेशिक-विरोधी संघर्ष भी था। टिप्पणी कीजिए।