भारत के प्रमुख खनिज संसाधन, Critical Minerals एवं बिहार के खनिज
भारत की प्रमुख खनिज पेटियों से लेकर 30 महत्वपूर्ण खनिज, MMDR संशोधन 2023, KABIL, जमुई के स्वर्ण अयस्क, रोहतास के पाइराइट्स और परीक्षा-उन्मुख PYQ/Mains रूपरेखा तक एकीकृत अध्ययन।
1. परिचय एवं आधारभूत वर्गीकरण
खनिज संसाधन किसी राष्ट्र के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता के आधार स्तंभ हैं। भारत का प्रायद्वीपीय पठार—विशेषकर धारवाड़, कुडप्पा और विंध्यन शैल समूह—देश की धात्विक और अधात्विक खनिज संपदा का प्रमुख स्रोत है।
| 30 | भारत की Critical Minerals सूची में महत्वपूर्ण खनिजों की संख्या |
|---|---|
| लगभग 44% | अध्ययन-सामग्री के अनुसार भारत के कुल प्राथमिक स्वर्ण अयस्क भंडार में जमुई, बिहार का हिस्सा |
| लगभग 95% | अध्ययन-सामग्री के अनुसार भारत के पाइराइट्स भंडार में रोहतास/अमझोर का हिस्सा |
| MMDR 2023 | 6 खनिजों को परमाणु खनिज सूची से हटाने और निजी भागीदारी बढ़ाने वाला प्रमुख सुधार |
विधिक वर्गीकरण: MMDR अधिनियम, 1957
- मुख्य खनिज (Major Minerals): कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, सोना, तांबा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे संसाधन।
- गौण खनिज (Minor Minerals): बालू, बजरी और साधारण पत्थर आदि; धारा 15 के अंतर्गत नियम एवं रॉयल्टी का प्रमुख अधिकार राज्य सरकारों के पास।
- परमाणु खनिज (Atomic Minerals): यूरेनियम, थोरियम आदि; परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के नियंत्रण से जुड़े।
2. भारत की प्रमुख खनिज पेटियाँ
| खनिज पेटी | मुख्य क्षेत्र | प्रमुख खनिज/तथ्य |
|---|---|---|
| उत्तर-पूर्वी प्रायद्वीपीय पेटी | छोटानागपुर पठार; झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ | गोंडवाना कोयला—झरिया, रानीगंज; लौह अयस्क—मयूरभंज, क्योंझर; बॉक्साइट और तांबा। इसे अत्यंत समृद्ध खनिज क्षेत्र माना जाता है। |
| मध्य पेटी | छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना | मैंगनीज—बालाघाट, नागपुर; बॉक्साइट—अमरकंटक; लौह अयस्क—बैलाडीला, दुर्ग; कोयला—कोरबा, सिंगरौली। |
| दक्षिणी पेटी | कर्नाटक और तमिलनाडु | धारवाड़ शैल; लौह अयस्क—कुद्रेमुख, संदूर; सोना—कोलार, हुट्टी; नेवेली का लिग्नाइट। |
| दक्षिण-पश्चिमी पेटी | गोवा और दक्षिणी महाराष्ट्र | लौह अयस्क और मैंगनीज; मार्मागाओ बंदरगाह से लौह अयस्क निर्यात का संदर्भ। |
| उत्तर-पश्चिमी पेटी | राजस्थान की अरावली शृंखला और गुजरात | तांबा—खेतड़ी; जस्ता-सीसा—जावर/उदयपुर; संगमरमर, जिप्सम तथा पेट्रोलियम—बाड़मेर, अंकलेश्वर। |
| तटीय प्लेसर बालूका पेटी | केरल, तमिलनाडु, ओडिशा तट | मोनाजाइट—थोरियम; इल्मेनाइट/रूटाइल—टाइटेनियम; जिरकॉन—जिरकोनियम। |
3. Critical Minerals नीति एवं 2023–2026 सुधार
Critical Minerals वे खनिज हैं जो आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं, लेकिन जिनकी वैश्विक आपूर्ति शृंखला अत्यधिक केंद्रित या जोखिमपूर्ण हो सकती है। EV बैटरी, सौर-पवन ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में इनकी केंद्रीय भूमिका है।
- 30 Critical Minerals: खान मंत्रालय ने जून 2023 में 30 महत्वपूर्ण खनिजों की सूची जारी की; इनमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट, टाइटेनियम, नियोबियम और Rare Earth Elements (REEs) जैसे खनिज शामिल हैं।
- 6 खनिजों का वि-सूचीकरण: लिथियम, बेरिलियम, नियोबियम, टाइटेनियम, टैंटलम और जिरकोनियम को परमाणु खनिज सूची से हटाकर वाणिज्यिक खनन/नीलामी के लिए अधिक खुलापन दिया गया।
- Exploration Licence (EL): गहरे और कठिन खनिजों के अन्वेषण में निजी कंपनियों की भागीदारी का मार्ग।
- केंद्र द्वारा नीलामी: 24 महत्वपूर्ण खनिजों के खनन पट्टों की नीलामी का अधिकार केंद्र सरकार को; राजस्व राज्यों को मिलने का प्रावधान।
- KABIL: NALCO, HCL और MECL का संयुक्त उद्यम; जनवरी 2024 में अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में 5 लिथियम ब्लॉकों से जुड़ा समझौता; ऑस्ट्रेलिया और चिली के साथ भी साझेदारी का संदर्भ।
- Mineral Security Partnership (MSP): भारत जून 2023 में अमेरिका-नेतृत्व वाले बहुपक्षीय Critical Minerals सहयोग में शामिल हुआ।
4. बिहार के खनिज संसाधन: BPSC Focus
वर्ष 2000 में झारखंड विभाजन के बाद बिहार का बड़ा खनिज क्षेत्र अलग हो गया, लेकिन दक्षिण बिहार के जिलों में नए अन्वेषणों ने राज्य की खनिज क्षमता को फिर से महत्वपूर्ण बनाया है।
4.1 जमुई का स्वर्ण अयस्क
- अध्ययन-सामग्री में GSI संदर्भ के आधार पर भारत के कुल प्राथमिक स्वर्ण अयस्क भंडार का लगभग 44% जमुई में बताया गया है।
- लगभग 222.88 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क और लगभग 37.6 टन शुद्ध स्वर्ण धातु का आकलन दिया गया है।
- मुख्य क्षेत्र: सोनो प्रखंड के करमटिया/सोनोडिया, झाझा और चकाई।
4.2 रोहतास (अमझोर) के पाइराइट्स
अध्ययन-सामग्री के अनुसार भारत के कुल पाइराइट्स भंडार का लगभग 95% रोहतास जिले के अमझोर क्षेत्र में है। पाइराइट्स का उपयोग सल्फ्यूरिक एसिड और रासायनिक उर्वरक, विशेषकर सुपर फॉस्फेट, निर्माण में होता है।
4.3 अन्य प्रमुख खनिज
| खनिज | क्षेत्र | मुख्य उपयोग/तथ्य |
|---|---|---|
| चूना पत्थर | रोहतास, कैमूर | विंध्यन शैल समूह; रोहतासगढ़, बंजारी, चुनाहट्टन; सीमेंट उद्योग का आधार। |
| अभ्रक | नवादा, गया | बिहार-झारखंड अभ्रक पेगमाटाइट पेटी का विस्तार; उच्च कोटि के रूबी अभ्रक का संदर्भ। |
| पोटाश | औरंगाबाद, गया, रोहतास/सासाराम | हालिया अन्वेषणों में नए भंडारों का उल्लेख। |
| निकल, क्रोमियम, PGE | गया | नए ब्लॉकों/अन्वेषणों का उल्लेख। |
| बॉक्साइट | मुंगेर—खड़गपुर पहाड़ियाँ | एल्यूमिनियम उद्योग का प्रमुख अयस्क। |
| काओलिन/चीनी मिट्टी | भागलपुर, बांका | सिरेमिक और संबंधित उद्योग। |
| क्वार्टजाइट/सिलिका सैंड | मुंगेर, जमुई | काँच और औद्योगिक उपयोग। |
| फेल्डस्पार/सोपस्टोन | गया | विविध औद्योगिक उपयोग। |
5. प्रमुख धात्विक एवं अधात्विक खनिजों का राष्ट्रीय परिदृश्य
| खनिज | शीर्ष उत्पादक/आरक्षित राज्य | प्रमुख क्षेत्र एवं विशिष्ट तथ्य |
|---|---|---|
| लौह अयस्क | ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक | हेमेटाइट—बादामपहाड़, बैलाडीला; मैग्नेटाइट—कुद्रेमुख। |
| बॉक्साइट | ओडिशा, गुजरात, झारखंड | पंचपतमली, लोहरदगा, अमरकंटक; अध्ययन-सामग्री ओडिशा को 50%+ भंडार संदर्भ से जोड़ती है। |
| तांबा | मध्य प्रदेश—उत्पादन; राजस्थान—भंडार | मलांजखंड, खेतड़ी, सिंहभूम। |
| मैंगनीज | मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा | बालाघाट; नागपुर-भंडारा; बालाघाट को देश की सबसे गहरी मैंगनीज खदान के संदर्भ में दिया गया है। |
| लिथियम | जम्मू-कश्मीर—रियासी; छत्तीसगढ़—कटघोरा | EV क्रांति की रीढ़; MMDR 2023 के बाद नीलामी/अन्वेषण का नया महत्व। |
| कच्चा तेल | राजस्थान, गुजरात, असम | बॉम्बे हाई; मंगला/भाग्यम—बाड़मेर; डिगबोई—असम। |
6. Prelims PYQ एवं अभ्यास प्रश्न
UPSC CSE Prelims 2023
प्रश्न 1: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए—(1) इल्मेनाइट और रूटाइल—टाइटेनियम के स्रोत, (2) मोनाजाइट—थोरियम का स्रोत, (3) जिरकॉन—जिरकोनियम। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
विकल्प: (A) केवल एक युग्म (B) केवल दो युग्म (C) सभी तीनों युग्म (D) कोई भी नहीं
सही उत्तर: (C) सभी तीनों युग्म। इल्मेनाइट और रूटाइल टाइटेनियम के अयस्क हैं; मोनाजाइट थोरियम तथा जिरकॉन जिरकोनियम का स्रोत है।
UPSC CSE Prelims 2021
प्रश्न 2: भारत में गौण खनिजों के संदर्भ में—(1) विधि के अनुसार रेत एक गौण खनिज है; (2) गौण खनिजों के उत्खनन के संबंध में नियम बनाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। सही विकल्प चुनिए।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: (A) केवल 1। अध्ययन-सामग्री MMDR अधिनियम, 1957 की धारा 3(e) और धारा 15 के आधार पर रेत को गौण खनिज तथा नियम-निर्माण का अधिकार राज्यों से जोड़ती है।
67वीं BPSC Prelims
प्रश्न 3: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के अनुसार भारत के कुल स्वर्ण अयस्क भंडार का लगभग 44% किस जिले में स्थित है?
विकल्प: (A) बांका (B) मुंगेर (C) जमुई (D) रोहतास
सही उत्तर: (C) जमुई।
66वीं BPSC Prelims
प्रश्न 4: बिहार का कौन-सा जिला भारत में पाइराइट्स का सबसे बड़ा उत्पादक है?
विकल्प: (A) गया (B) रोहतास (C) नवादा (D) कैमूर
सही उत्तर: (B) रोहतास; अमझोर क्षेत्र प्रमुख संदर्भ है।
7. Mains प्रश्न एवं आदर्श उत्तर-रूपरेखा
UPSC Mains GS Paper-3
प्रश्न: “स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और चौथी औद्योगिक क्रांति (4IR) की सफलता Critical Minerals की निर्बाध आपूर्ति पर निर्भर करती है।” भारत की भू-आर्थिक कमजोरियों का विश्लेषण कीजिए तथा MMDR संशोधन अधिनियम, 2023 और KABIL की भूमिका का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द / 15 अंक)
- भूमिका: Net Zero 2070, EV, सेमीकंडक्टर और Critical Minerals की केंद्रीय भूमिका।
- भू-आर्थिक कमजोरी: लिथियम, कोबाल्ट और निकल में उच्च आयात निर्भरता; वैश्विक प्रसंस्करण/आपूर्ति का संकेंद्रण; भू-राजनीतिक जोखिम।
- MMDR 2023: 6 खनिजों का वि-सूचीकरण, निजी पूंजी/तकनीक, Exploration Licence और केंद्र द्वारा नीलामी।
- KABIL व साझेदारी: अर्जेंटीना के लिथियम ब्लॉक और MSP जैसे बहुपक्षीय सहयोग।
- निष्कर्ष: घरेलू अन्वेषण + विदेशी परिसंपत्ति अधिग्रहण + Battery Recycling का त्रिकोणीय मॉडल।
BPSC Mains GS Paper-2
प्रश्न: “झारखंड के विभाजन के पश्चात बिहार को केवल कृषि-प्रधान और खनिज-विहीन राज्य मान लिया गया, किंतु हालिया भूवैज्ञानिक अनुसंधानों ने इस मिथक को तोड़ा है।” जमुई के स्वर्ण भंडार, रोहतास के पाइराइट्स और दक्षिण बिहार के नए खनिज भंडारों के आलोक में खनिज-आधारित उद्योगों की संभावनाओं तथा पर्यावरणीय चुनौतियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (38 अंक)
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 2000 के विभाजन के बाद खनिज क्षेत्र के बड़े हिस्से का झारखंड में जाना; नए GSI अन्वेषणों से नई संभावना।
- औद्योगिक क्षमता: जमुई—स्वर्ण; रोहतास—पाइराइट्स; कैमूर-रोहतास—चूना पत्थर; गया-नवादा-औरंगाबाद—पोटाश, निकल, क्रोमियम, अभ्रक।
- आर्थिक प्रभाव: रॉयल्टी/राजस्व, स्थानीय रोजगार, दक्षिण बिहार में निवेश और खनिज-आधारित उद्योग।
- पर्यावरणीय-सामाजिक चुनौती: वन भूमि, जल प्रदूषण, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास।
- निष्कर्ष: पारदर्शी खनिज नीति, PPP और सतत हरित खनन तकनीकों का संयोजन।
8. Critical Minerals मूल्य शृंखला एवं वैश्विक पहल
| पहल/संस्था | संबंधित देश/निकाय | मुख्य उद्देश्य एवं भारत |
|---|---|---|
| KABIL | भारत; खान मंत्रालय से जुड़ा JV | विदेशों में लिथियम/कोबाल्ट जैसी महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों का अधिग्रहण; अर्जेंटीना में 5 ब्लॉकों का संदर्भ। |
| Mineral Security Partnership (MSP) | अमेरिका-नेतृत्व वाला बहुपक्षीय समूह | पारदर्शी, विविधीकृत और सुरक्षित Critical Minerals supply chain; भारत जून 2023 में शामिल। |
| Lithium Triangle | अर्जेंटीना, बोलीविया, चिली | विश्व के बड़े लिथियम संसाधन क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण; भारत की आयात सुरक्षा और KABIL रणनीति से जुड़ा। |
9. त्वरित पुनरावृत्ति
- खनिज पेटी याद रखें: छोटानागपुर—कोयला/लौह; मध्य—मैंगनीज/बॉक्साइट; दक्षिण—लौह/सोना; अरावली—तांबा/जस्ता-सीसा; तटीय बालू—मोनाजाइट/इल्मेनाइट/जिरकॉन।
- Critical Minerals: 30 की सूची; 2023 MMDR सुधार; EL; केंद्र द्वारा 24 खनिजों की नीलामी।
- बिहार: जमुई—स्वर्ण; रोहतास—पाइराइट्स; कैमूर/रोहतास—चूना पत्थर; गया—निकल/क्रोमियम/PGE; औरंगाबाद-गया-रोहतास—पोटाश।
- वैश्विक रणनीति: KABIL + MSP + Lithium Triangle + recycling/चक्रीय अर्थव्यवस्था।