2026 Prelims PYQ · प्रश्न 55

एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (डिजिटल रुपया) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (डिजिटल रुपया) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a)UPI एक तत्काल (real-time) भुगतान प्रणाली है, किंतु डिजिटल रुपया राष्ट्रिक (सॉवरेन) कागज़ी मुद्रा के सदृश्य है।
(b)UPI के मामले में, धन को जैसे ही नामे डाला या जमा किया जाता है, अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए निपटान तत्काल हो जाता है, किंतु डिजिटल रुपया के मामले में, निपटान नहीं हो पाता है क्योंकि वॉलेट शेष का अन्य वॉलेट में अंतरण हो जाता है।
(c)UPI लेनदेनों को बैंकों द्वारा अभिलिखित किया जाता है और उन्हें बैंक विवरणों में दर्शाया जाता है, किंतु डिजिटल रुपया के मामले में, बैंक विवरणों में कोई डेटा दर्ज नहीं किया जाता है, क्योंकि लेनदेन एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में होते हैं।
(d)दोनों मामलों (UPI और डिजिटल रुपया) में, उपयोगकर्ताओं और उनके संबंधित बैंकों पर देयता होती है।

उत्तर और व्याख्या

सही उत्तर(d) दोनों मामलों में उपयोगकर्ताओं और संबंधित बैंकों पर देयता

विकल्प (d) क्यों गलत है?

  • UPI स्वयं मुद्रा नहीं, बल्कि बैंक खातों के बीच भुगतान करने का माध्यम है।
  • डिजिटल रुपया (e₹) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा है; यह वैध मुद्रा है और इसकी देयता भारतीय रिज़र्व बैंक पर होती है।
  • डिजिटल रुपया के वॉलेट-से-वॉलेट भुगतान सीधे दो e₹ वॉलेटों के बीच निपट सकते हैं और उपयोगकर्ता के बैंक खाते से होकर गुजरना आवश्यक नहीं होता।
  • इसी कारण “दोनों में संबंधित बैंक पर देयता” वाला कथन सही नहीं है।
मुख्य अंतर: UPI = भुगतान का माध्यम; डिजिटल रुपया = स्वयं केंद्रीय बैंक का डिजिटल धन।