जैन धर्म में मान्यता-प्राप्त जीवन के अस्तित्व के चार मुख्य रूपों में, निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है?
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर(b) यक्ष
चार गतियाँ
जैन दर्शन में जीव के पुनर्जन्म की चार मुख्य गतियाँ मानी जाती हैं—देव, मनुष्य, तिर्यंच और नारकी। यक्ष जैन परंपरा में सहायक/अधिष्ठाता देवताओं के रूप में मिलते हैं, पर वे अलग पाँचवीं गति नहीं हैं।
सावधानी: जैन मूर्तिकला में यक्ष–यक्षिणी बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, पर ‘चार गति’ की सूची अलग अवधारणा है।