मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव अनिवार्य रूप से क्या होता है?
- विदेशी बाजार में घरेलू निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है।
- घरेलू मुद्रा का विदेशी मूल्य बढ़ता है।
- व्यापार संतुलन सुधरता ही है।
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल 1
क्यों?
- अवमूल्यन से निर्यात तुलनात्मक रूप से सस्ता हो सकता है; व्यापार संतुलन का सुधरना अनिवार्य नहीं।