2020 Prelims PYQ · प्रश्न 30

“अपने संप्रदाय की प्रशंसा और दूसरे की निंदा अंततः अपने ही संप्रदाय को हानि पहुँचाती है”—यह उपदेश किस शासक से जुड़ा है?

“अपने संप्रदाय की प्रशंसा और दूसरे की निंदा अंततः अपने ही संप्रदाय को हानि पहुँचाती है”—यह उपदेश किस शासक से जुड़ा है?
(a)अशोक
(b)समुद्रगुप्त
(c)हर्षवर्धन
(d)कृष्णदेवराय

उत्तर और व्याख्या

सही उत्तर(a) अशोक

क्यों?

  • अशोक के शिलालेखों में धार्मिक सहिष्णुता पर ऐसा संदेश मिलता है।