वंदे मातरम् और रियासतों का एकीकरण
एक ओर ‘वंदे मातरम्’ ने औपनिवेशिक काल में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और स्वदेशी आंदोलन को प्रतीक दिया, दूसरी ओर स्वतंत्रता के बाद राजनीतिक एकता का व्यावहारिक कार्य 500 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में जोड़ने से पूरा हुआ। दोनों विषय राष्ट्र-निर्माण के अलग लेकिन जुड़े आयाम हैं।
1. वंदे मातरम्: परीक्षा-उपयोगी कालक्रम
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1875 | बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना से जुड़ा स्वीकृत ऐतिहासिक वर्ष; 150-वर्षीय राष्ट्रीय स्मरण इसी आधार पर 2025–26 में मनाया गया। |
| 1882 | उपन्यास आनंदमठ में शामिल। |
| 1896 | कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गायन। |
| 1905–08 | बंगाल विभाजन-विरोधी स्वदेशी आंदोलन में शक्तिशाली राष्ट्रवादी नारा/गीत। |
| 24 जनवरी 1950 | संविधान सभा में अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ को स्वतंत्रता संघर्ष की ऐतिहासिक भूमिका के कारण समान सम्मान का कथन दर्ज किया। |
2. गीत, राष्ट्रगान और संवैधानिक सावधानी
‘वंदे मातरम्’ को सामान्यतः भारत का राष्ट्रीय गीत कहा जाता है। संविधान के किसी अनुच्छेद में ‘National Song’ की अलग परिभाषा नहीं दी गई; 24 जनवरी 1950 के संविधान सभा अध्यक्षीय वक्तव्य का ऐतिहासिक-संवैधानिक महत्व है। इसलिए इसे “संविधान के फलाँ अनुच्छेद में राष्ट्रीय गीत घोषित” न लिखें।
3. स्वतंत्रता के समय रियासतों की चुनौती
ब्रिटिश सत्ता समाप्त होने पर ब्रिटिश भारत के प्रांतों के साथ 500 से अधिक देशी रियासतें भी थीं। ब्रिटिश paramountcy समाप्त होने के बाद उनकी स्थिति का समाधान भारत की राजनीतिक एकता के लिए केंद्रीय प्रश्न बन गया।
4. पटेल और वी.पी. मेनन की रणनीति
सरदार वल्लभभाई पटेल ने States Department के मंत्री के रूप में और वी.पी. मेनन ने प्रशासनिक/वार्ताकार भूमिका में रियासतों के साथ विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। प्रमुख औजार थे:
- Instrument of Accession: प्रारंभिक रूप से रक्षा, विदेश मामले और संचार जैसे विषयों पर भारतीय डोमिनियन से जुड़ने का साधन।
- Standstill Agreement: मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतरिम रूप से जारी रखने का साधन।
- Merger/Covenant arrangements: छोटी रियासतों को संघों/राज्यों में मिलाना और क्रमशः प्रशासनिक एकीकरण।
5. अलग-अलग मामलों को एक जैसा न समझें
| मामला | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| जूनागढ़ | शासक और बहुसंख्यक जनसंख्या की प्राथमिकताओं में टकराव; अंततः भारत में एकीकरण और जनमत-संग्रह से जुड़ा प्रसंग। |
| हैदराबाद | वार्ता विफल होने के बाद 1948 में ‘Operation Polo’ के जरिए भारतीय संघ में एकीकरण। |
| जम्मू-कश्मीर | 1947 में आक्रमण की पृष्ठभूमि में महाराजा हरि सिंह द्वारा Instrument of Accession; इसका संवैधानिक-राजनीतिक विकास अलग और विशिष्ट रहा। |
6. 150 वर्ष का समसामयिक जोड़
7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष के अवसर पर वर्षभर का राष्ट्रीय स्मरण कार्यक्रम चलाया गया। UPSC के लिए समसामयिक घटना से अधिक महत्वपूर्ण उसका 1875–1882–1896–1905–1950 कालक्रम है।
7. प्रारंभिक परीक्षा ट्रैप
- ‘वंदे मातरम्’ — बंकिमचंद्र; ‘जन गण मन’ — रवींद्रनाथ टैगोर।
- आनंदमठ — 1882.
- INC कलकत्ता अधिवेशन में गायन — 1896.
- स्वदेशी आंदोलन — 1905 के बंगाल विभाजन से जुड़ा प्रमुख चरण।
- रियासतों के एकीकरण में पटेल के साथ वी.पी. मेनन की भूमिका महत्वपूर्ण।
8. अभ्यास
मुख्य परीक्षा: स्वतंत्रता के बाद भारतीय संघ का एकीकरण केवल सैन्य या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कूटनीति, संवैधानिक साधनों और राजनीतिक यथार्थवाद का संयोजन था। चर्चा कीजिए।
स्थायी अवधारणाओं को संबंधित सरकारी, संवैधानिक, वैज्ञानिक और नियामक स्रोतों से मिलाकर प्रस्तुत किया गया है।