अनुच्छेद 163(2) के पाठ के अनुसार यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विषय Governor के discretion में आता है या नहीं, तो कौन-सा कथन सही है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 18 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 9प्रश्न 18 / 50

विकल्प

ASupreme Court का निर्णय सीधे और स्वतः अंतिम होगा।
Bसंविधान Governor के निर्णय को इस प्रश्न पर finality देता है और केवल इस आधार पर कार्रवाई की वैधता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता कि उसे discretion में कार्य करना चाहिए था या नहीं; फिर भी discretion की संवैधानिक सीमा से बाहर की कार्रवाई judicial review से पूरी तरह प्रतिरक्षित नहीं है।
CPresident का निर्णय अंतिम होगा।
Dविधानसभा साधारण बहुमत से तय करेगी।
सही उत्तर: B. संविधान Governor के निर्णय को इस प्रश्न पर finality देता है और केवल इस आधार पर कार्रवाई की वैधता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता कि उसे discretion में कार्य करना चाहिए था या नहीं; फिर भी discretion की संवैधानिक सीमा से बाहर की कार्रवाई judicial review से पूरी तरह प्रतिरक्षित नहीं है।
सही उत्तर (b) है। Article 163(2) Governor को textually finality देता है कि कोई matter उसके discretion का है या नहीं। लेकिन इसे absolute immunity समझना गलत है। Nabam Rebia और बाद के Supreme Court decisions ने स्पष्ट किया कि Article 163(2) केवल constitutionally permissible discretion के भीतर काम करता है; jurisdiction से बाहर, mala fide या constitutional limits के विरुद्ध exercise judicial review के अधीन हो सकता है। यही bare text और modern constitutional jurisprudence का संतुलित पठन है।

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