किसी विधायी अधिनियम या कार्यपालिका कार्रवाई की Judicial Review किन आधारों पर की जा सकती है? 1. वह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करे। 2. कानून बनाने वाला प्राधिकारी अपनी विधायी क्षमता से बाहर चला गया हो। 3. वह संविधान के किसी अन्य बाध्यकारी प्रावधान के प्रतिकूल हो। उपर्युक्त में से कौन-से आधार मान्य हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 33 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 33 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। Judicial Review का उद्देश्य केवल Fundamental Rights की रक्षा तक सीमित नहीं है। कोई कानून legislative competence से बाहर हो—जैसे Union/State Lists की संवैधानिक सीमा का उल्लंघन—तो भी वह चुनौती योग्य है। इसी तरह संविधान के अन्य mandatory provisions, federal limitations, procedural constitutional requirements या Basic Structure से टकराव भी review का आधार बन सकते हैं। कार्यपालिका की कार्रवाई भी constitutional और statutory limits के अधीन रहती है।

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