'लोक लेखा समिति' (Public Accounts Committee — PAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में इसकी स्थापना का प्रारंभिक रूप 1921 में Government of India Act, 1919 के बाद विकसित हुआ। 2. वर्तमान संसदीय संरचना में इसमें 22 सदस्य होते हैं—15 लोकसभा और 7 राज्यसभा से। 3. सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व/एकल संक्रमणीय मत पद्धति से एक वर्ष के लिए चुने जाते हैं। 4. कोई मंत्री PAC का सदस्य नहीं हो सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 42 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 7प्रश्न 42 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर (d) है। PAC संसद के प्रमुख वित्तीय निगरानी तंत्रों में से है और CAG की रिपोर्टों के आधार पर यह देखती है कि संसद द्वारा स्वीकृत धन उसी उद्देश्य और विधिक प्राधिकार के अनुरूप खर्च हुआ या नहीं। वर्तमान संरचना 22 सदस्यों की है—15 लोकसभा और 7 राज्यसभा। मंत्री सदस्य नहीं बन सकते। 1967 से PAC अध्यक्ष को विपक्ष से चुनने की परंपरा विकसित हुई, जिससे सरकारी व्यय की जाँच में विपक्ष की भूमिका मजबूत हुई।

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