'निंदा प्रस्ताव' (Censure Motion) और 'अविश्वास प्रस्ताव' (No-Confidence Motion) के बीच अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 22 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 7प्रश्न 22 / 50

विकल्प

Aनिंदा प्रस्ताव किसी एक मंत्री, मंत्रियों के समूह या पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध विशिष्ट नीति/कार्यवाही पर लाया जा सकता है; अविश्वास प्रस्ताव पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध होता है।
Bनिंदा प्रस्ताव पारित होते ही मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र संवैधानिक रूप से अनिवार्य हो जाता है।
Cअविश्वास प्रस्ताव केवल किसी विशिष्ट नीति की आलोचना हेतु लाया जाता है।
Dनिंदा प्रस्ताव राज्यसभा में भी सरकार गिराने के लिए लाया जा सकता है।
सही उत्तर: A. निंदा प्रस्ताव किसी एक मंत्री, मंत्रियों के समूह या पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध विशिष्ट नीति/कार्यवाही पर लाया जा सकता है; अविश्वास प्रस्ताव पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध होता है।
सही उत्तर (a) है। Censure Motion का लक्ष्य किसी विशिष्ट नीति, निर्णय या मंत्री/मंत्रियों के आचरण की आलोचना करना होता है और उसमें कारण बताए जाते हैं। इसके पारित होने से सरकार का स्वतः पतन उसी तरह अनिवार्य नहीं होता जैसे अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर होता है। No-Confidence Motion पूरी Council of Ministers के विरुद्ध लोकसभा में आता है और उसमें कारण देना जरूरी नहीं। सामूहिक उत्तरदायित्व केवल लोकसभा के प्रति होने के कारण राज्यसभा सरकार को अविश्वास से नहीं गिराती।

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