अनुच्छेद 102 और दसवीं अनुसूची के तहत सांसदों की अयोग्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 102(1) वाली सामान्य अयोग्यताओं के प्रश्न पर राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करके निर्णय करते हैं। 2. दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल की अयोग्यता का निर्णय लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति करते हैं। 3. Kihoto Hollohan मामले में उच्चतम न्यायालय ने माना कि दलबदल पर पीठासीन अधिकारी का निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 6 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 7प्रश्न 6 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 103 के तहत अनुच्छेद 102(1) से जुड़ी अयोग्यता पर राष्ट्रपति निर्णय करते हैं और निर्वाचन आयोग की राय के अनुसार कार्य करते हैं। दलबदल अलग व्यवस्था है—दसवीं अनुसूची में संबंधित सदन का पीठासीन अधिकारी निर्णय करता है। Kihoto Hollohan v. Zachillhu (1992) ने यह स्पष्ट किया कि पीठासीन अधिकारी का निर्णय अंतिम राजनीतिक शब्द नहीं है; वह न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ सकता है।

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