मंत्रिमंडलीय समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये समितियाँ कैबिनेट के कार्यभार को कम करने और विशिष्ट नीतिगत मुद्दों पर गहन विचार के लिए बनाई जाती हैं। 2. ये केवल सिफारिश ही नहीं करतीं; अपने आवंटित विषयों में कैबिनेट की ओर से निर्णय भी ले सकती हैं। 3. कैबिनेट इनके निर्णयों की समीक्षा कर सकता है और आवश्यक होने पर उन्हें बदल सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 50 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 50 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। Cabinet Committees कार्य-विभाजन और विशेषज्ञ विचार-विमर्श के माध्यम से पूरे Cabinet पर भार कम करती हैं। कई मामलों में उन्हें अपने क्षेत्र में निर्णय लेने का अधिकार होता है, जिससे हर विषय पूर्ण मंत्रिमंडल में ले जाने की आवश्यकता नहीं रहती। फिर भी वे Cabinet से ऊपर नहीं हैं; पूर्ण Cabinet उनके निर्णयों की समीक्षा, संशोधन या पुनर्विचार कर सकता है। यही व्यवस्था दक्षता और सामूहिक मंत्रिमंडलीय नियंत्रण के बीच संतुलन बनाती है।

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