राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति कोर्ट मार्शल द्वारा दी गई सजा को क्षमा कर सकते हैं, जबकि राज्यपाल के पास यह शक्ति नहीं है। 2. राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्ण क्षमा (Pardon) कर सकते हैं, जबकि राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते, यद्यपि वे उसे निलंबित, परिहार या लघुकरण कर सकते हैं। 3. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र उनके व्यक्तिगत विवेक पर आधारित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 14 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 14 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को कोर्ट मार्शल मामलों और मृत्युदंड में विशेष शक्ति देता है। राज्यपाल की अनुच्छेद 161 वाली शक्ति राज्य के कार्यपालिका क्षेत्र से जुड़ी है और वह कोर्ट मार्शल दंड को क्षमा नहीं कर सकता। पारंपरिक संवैधानिक व्याख्या में राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्ण pardon दे सकते हैं। कथन 3 गलत है—मारू राम और केहर सिंह जैसे मामलों में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति क्षमादान शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह पर प्रयोग करते हैं, निजी विवेक से नहीं।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें