राष्ट्रीय आपातकाल का मूल अधिकारों पर प्रभाव के संदर्भ में अनुच्छेद 358 और 359 के अंतर पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 358 केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने पर अनुच्छेद 19 के संरक्षण को स्वतः प्रभावित करता है; सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं। 2. अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को आदेश द्वारा निर्दिष्ट मूल अधिकारों के न्यायालयीय प्रवर्तन को निलंबित करने की शक्ति देता है, किंतु अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता। 3. अनुच्छेद 358 का प्रभाव संबंधित आपातकाल की अवधि से जुड़ा है, जबकि अनुच्छेद 359 का प्रभाव राष्ट्रपति के आदेश में निर्दिष्ट अवधि और क्षेत्र तक रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 44 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 44 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 358 केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण वाले आपातकाल में अनुच्छेद 19 पर लागू होता है; armed rebellion वाले आपातकाल में नहीं। अनुच्छेद 359 स्वयं मूल अधिकार को समाप्त नहीं करता, बल्कि राष्ट्रपति के आदेश में निर्दिष्ट अधिकारों के प्रवर्तन हेतु न्यायालय जाने के अधिकार को निलंबित कर सकता है। 44वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 20 और 21 को इस प्रक्रिया से भी सुरक्षित रखा गया है। साथ ही अनुच्छेद 358 के संरक्षण का लाभ केवल आपातकाल से संबंधित कानून/कार्यकारी कार्रवाई को मिलता है—यह बारीकी UPSC के लिए महत्वपूर्ण है।

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