संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301 से 307) में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 301, भाग XIII के अन्य प्रावधानों के अधीन, भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता की सामान्य गारंटी देता है। 2. संसद सार्वजनिक हित में राज्यों के बीच व्यापार की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगा सकती है (अनुच्छेद 302)। 3. राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 304(b) के तहत सार्वजनिक हित में युक्तियुक्त प्रतिबंध प्रस्तावित कर सकता है, पर ऐसे विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 37 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 37 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 301 स्वतंत्रता की आधारभूत घोषणा करता है, लेकिन यह निरपेक्ष नहीं है—पूरा भाग XIII पढ़ना आवश्यक है। अनुच्छेद 302 संसद को सार्वजनिक हित में प्रतिबंध लगाने देता है, जबकि अनुच्छेद 304 राज्यों को कुछ सीमित परिस्थितियों में कर/प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। अनुच्छेद 304(b) के प्रतिबंधकारी विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। प्रश्न की भाषा में 'पूर्ण और अबाध' कहना भ्रामक होता, इसलिए यहाँ संवैधानिक अपवाद स्पष्ट किए गए हैं।

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