केंद्र-राज्य विधायी संबंधों (Legislative Relations) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद पूरे भारत या उसके किसी हिस्से के लिए कानून बना सकती है और उसे राज्यक्षेत्रातीत विधान (Extraterritorial Legislation) बनाने की भी शक्ति है। 2. राज्य विधानमंडल का कानून किसी भी परिस्थिति में राज्य की सीमा के बाहर प्रभावी नहीं हो सकता, भले ही राज्य और विषय के बीच पर्याप्त क्षेत्रीय संबंध (Territorial Nexus) हो। 3. अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) संसद में निहित हैं, जो कनाडाई संविधान के मॉडल से प्रेरित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 19 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 5प्रश्न 19 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: B. केवल 1 और 3
सही उत्तर (b) है। कथन 1 सही है—संसद की विधायी क्षमता पूरे भारत तक फैली है और कुछ परिस्थितियों में extraterritorial operation भी संभव है। कथन 2 गलत है, क्योंकि 'territorial nexus' सिद्धांत के तहत यदि राज्य और कानून के विषय के बीच वास्तविक व पर्याप्त संबंध हो तो राज्य कानून का बाह्य प्रभाव मान्य हो सकता है। कथन 3 सही है; अवशिष्ट विधायी शक्ति संसद को दी गई है और यह व्यवस्था कनाडाई मॉडल से प्रभावित मानी जाती है।

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