भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष (Secular) स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता की पश्चिमी अवधारणा (धर्म और राज्य का पूर्ण अलगाव) का पूर्णतः अनुसरण करता है। 2. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता की सकारात्मक अवधारणा (सभी धर्मों को समान आदर और संरक्षण) को अपनाता है। 3. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) शब्द जोड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 6 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 2प्रश्न 6 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3
कथन 1 गलत है क्योंकि भारत पश्चिमी नकारात्मक धर्मनिरपेक्षता (धर्म और राज्य का कठोर अलगाव) का अनुसरण नहीं करता, बल्कि सर्वधर्म समभाव (सकारात्मक अवधारणा) को अपनाता है।

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