विकल्प
Aनहीं, याचिका लंबित रहने के दौरान वह किसी भी पद के लिए अयोग्य होता है।
Bहाँ, जब तक कि पीठासीन अधिकारी द्वारा उसे औपचारिक रूप से अयोग्य घोषित न कर दिया जाए, वह सदन का पूर्ण सदस्य रहता है और मंत्री बन सकता है।
Cकेवल तभी बन सकता है जब राज्यपाल विशेष अध्यादेश जारी करें।
Dकेवल राज्य मंत्री बन सकता है, कै बिनेट मंत्री नहीं।
सही उत्तर: B. हाँ, जब तक कि पीठासीन अधिकारी द्वारा उसे औपचारिक रूप से अयोग्य घोषित न कर दिया जाए, वह सदन का पूर्ण सदस्य रहता है और मंत्री बन सकता है।
जब तक अयोग्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और स्पीकर द्वारा अयोग्यता का अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक सदस्य की स्थिति सामान्य रहती है और वह मंत्री पद धारण कर सकता है।