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सुभाष देसाई बनाम प्रधान सचिव, महाराष्ट्र राज्यपाल (महाराष्ट्र राजनीतिक संकट, 2023) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5- न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने क्या महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रतिपादित किए? Whip) और नेता की नियुक्ति का अधिकार मूल राजनीतिक दल (Political 1. दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता के प्रयोजनों के लिए व्हिप ( Party) के पास होता है, न कि उससे अलग हुए विधायिका दल (Legislature Party) के पास। 2. विधान सभा अध्यक्ष और भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) एक साथ अपने-अपने क्षेत्राधिकार में क्रमशः अयोग्यता और वास्तविक चुनाव चिह्न के विवाद का निपटारा कर सकते हैं। 3. राज्यपाल के पास सदन में फ्लोर टेस्ट (बहुमत परीक्षण) कराने का कोई वैध आधार नहीं था क्योंकि केवल पार्टी के भीतर का आंतरिक असंतोष सरकार के अल्पमत में आने का प्रमाण नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 22 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 19प्रश्न 22 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। मई 2023 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि व्हिप राजनीतिक दल द्वारा तय होता है न कि अलग हुए गुट द्वारा, और राज्यपाल पार्टी के आंतरिक कलह के आधार पर फ्लोर टेस्ट नहीं बुला सकते।

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