LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests

संवैधानिक नैतिकता ( Constitutional Morality) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने जॉर्ज ग्रोट (George Grote) का हवाला देते हुए संविधान सभा में संवैधानिक नैतिकता को संविधान के रूपों और प्रक्रियाओं के प्रति निष्ठा तथा लोकतांत्रिक संयम के रूप में व्याख्यायित किया था। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने नवतेज सिंह जौहर (2018) और जोसेफ शाइन (2018) मामलों में माना कि संवैधानिक नैतिकता सामाजिक नैतिकता (Popular/Social Morality) से कहीं अधिक श्रेष्ठ और मार्गदर्शक है। 3. संवैधानिक नैतिकता का अर्थ बहुसंख्यक समाज की धार्मिक या पारंपरिक मान्यताओं को कानून पर थोपना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 16 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 19प्रश्न 16 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
कथन 3 गलत है क्योंकि संवैधानिक नैतिकता व्यक्तिगत गरिमा, समानता, स्वतंत्रता और बहुलवाद के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करती है, न कि बहुसंख्यक सामाजिक नैतिकता के आगे समर्पण करती है। कथन 1 और 2 सही हैं।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें