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एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) मामले में धर्मनिरपेक्षता ( Secularism) के संदर्भ में 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने क्या व्यवस्था दी थी? 1. धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान का एक आधारभूत लक्षण ( Basic Feature) है। 2. यदि कोई राज्य सरकार धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध कार्य करती है या सांप्रदायिकता को बढ़ावा देती है, तो उसे अनुच्छेद 356 के तहत बर्खास्त किया जा सकता है। 3. राजनीति और धर्म को एक-दूसरे से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल को धार्मिक अपीलों के आधार पर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 9 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 19प्रश्न 9 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि धर्मनिरपेक्षता मूल ढांचा है और इसके उल्लंघन पर राज्य सरकार के विरुद्ध अनुच्छेद 356 की कार्रवाई वैध है।

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