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डी. एस. नकारा बनाम भारत संघ (1983) मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय समाजवाद ( Indian Socialism) के स्वरूप को किस प्रकार व्याख्यायित किया था?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 5 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 19प्रश्न 5 / 50

विकल्प

Aयह उत्पादन के साधनों के पूर्ण राष्ट्रीयकरण वाला मार्क्सवादी समाजवाद है।
Bयह लोकतांत्रिक समाजवाद (Democratic Socialism) है, जो मार्क्सवाद और गांधीवाद का सम्मिश्रण है और गांधीवादी समाजवाद की ओर भारी झुकाव रखता है।
Cयह पूंजीवाद का पूर्ण समर्थक नव-उदारवादी समाजवाद है।
Dयह केवल कृ षि क्षेत्र तक सीमित समाजवाद है।
सही उत्तर: B. यह लोकतांत्रिक समाजवाद (Democratic Socialism) है, जो मार्क्सवाद और गांधीवाद का सम्मिश्रण है और गांधीवादी समाजवाद की ओर भारी झुकाव रखता है।
डी. एस. नकारा मामले (1983) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भारतीय समाजवाद एक लोकतांत्रिक समाजवाद है जो मार्क्सवाद और गांधीवाद का अनूठा मिश्रण है, जिसमें गांधीवादी समाजवाद का प्रभाव अधिक है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबी, अज्ञानता और अवसर की असमानता को समाप्त करना है।

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