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सदन की अवमानना ( Contempt of the House) और विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) के बीच क्या अंतर है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 18 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 18प्रश्न 18 / 50

विकल्प

Aविशेषाधिकार हनन केवल बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है, जबकि अवमानना केवल सदस्यों द्वारा।
Bप्रत्येक विशेषाधिकार हनन सदन की अवमानना होता है, किंतु सदन की प्रत्येक अवमानना आवश्यक रूप से किसी विशिष्ट विशेषाधिकार का हनन नहीं होती (अवमानना का दायरा अधिक व्यापक है)।
Cअवमानना के लिए सदन दंड नहीं दे सकता, जबकि विशेषाधिकार हनन के लिए कारावास दिया जा सकता है।
Dदोनों शब्दों में कोई विधिक या प्रक्रियात्मक अंतर नहीं है।
सही उत्तर: B. प्रत्येक विशेषाधिकार हनन सदन की अवमानना होता है, किंतु सदन की प्रत्येक अवमानना आवश्यक रूप से किसी विशिष्ट विशेषाधिकार का हनन नहीं होती (अवमानना का दायरा अधिक व्यापक है)।
अवमानना ( Contempt ) एक व्यापक अवधारणा है; ऐसा कोई भी कृत्य जो सदन के कार्य में बाधा डाले, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाए या उसके प्राधिकार को चुनौती दे, अवमानना है, भले ही वह किसी संहिताबद्ध विशिष्ट विशेषाधिकार का उल्लंघन न हो।

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