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अतीयाबारी टी कंपनी बनाम असम राज्य (1961) मामले में उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 301 के तहत व्यापार की स्वतंत्रता के संबंध में क्या व्यवस्था दी थी?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 34 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 17प्रश्न 34 / 50

विकल्प

Aकरों को कभी भी व्यापार की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध नहीं माना जा सकता।
Bयदि कोई कर माल की मुक्त आवाजाही (Free movement of goods) पर प्रत्यक्ष और तात्कालिक अवरोध (Direct and immediate restriction) डालता है, तो वह अनुच्छेद 301 का उल्लंघन माना जाएगा, जब तक कि वह अनुच्छेद 304 की शर्तों को पूरा न करे।
Cराज्यों को चाय के व्यापार पर कर लगाने का पूर्ण संप्रभु अधिकार है।
Dव्यापार की स्वतंत्रता केवल नागरिकों पर लागू होती है, कंपनियों पर नहीं।
सही उत्तर: B. यदि कोई कर माल की मुक्त आवाजाही (Free movement of goods) पर प्रत्यक्ष और तात्कालिक अवरोध (Direct and immediate restriction) डालता है, तो वह अनुच्छेद 301 का उल्लंघन माना जाएगा, जब तक कि वह अनुच्छेद 304 की शर्तों को पूरा न करे।
अतीयाबारी मामले (1961) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि कर भी व्यापार की स्वतंत्रता को बाधित कर सकते हैं यदि वे माल के संचलन पर सीधा अवरोध पैदा करते हैं और अनुच्छेद 304 के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना लगाए गए हों।

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