LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests

संपत्ति के अधिकार ( Right to Property) के संवैधानिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 के तहत एक मौलिक अधिकार था। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर भाग XII में अनुच्छेद 300A के तहत केवल एक विधिक/कानूनी अधिकार (Legal Right) बना दिया गया। 3. वर्तमान में किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से विधि के प्राधिकार के बिना वंचित नहीं किया जा सकता, किंतु इसके उल्लंघन पर सीधे अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 3 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 17प्रश्न 3 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
A तीनों कथन सही हैं। 44वें संशोधन (1978) ने संपत्ति के अधिकार को विधिक अधिकार (अनुच्छेद 300 ) बनाया। इसके उल्लंघन पर अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जाया जा सकता है, किंतु सीधे अनुच्छेद 32 के तहत नहीं।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें