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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ( CAG) के संवैधानिक पद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. CAG को उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर पद से हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है (अनुच्छेद 148)। 2. पद त्यागने के बाद CAG भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद का पात्र नहीं होता। 3. CAG के कार्यालय का प्रशासनिक व्यय, वेतन और भत्ते भारत की संचित निधि पर भारित (Charged upon Consolidated Fund of India) होते हैं, जिन पर संसद में मतदान नहीं होता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 41 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 16प्रश्न 41 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। संविधान का अनुच्छेद 148 CAG को स्वतंत्र बनाए रखने के लिए कार्यकाल की सुरक्षा, पुनः नियुक्ति पर रोक, और संचित निधि पर भारित व्यय की गारंटी देता है।

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