विकल्प
Aअधिकरणों के निर्णय अंतिम हैं और किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दिए जा सकते।
Bअधिकरणों के निर्णयों के विरुद्ध केवल सीधे राष्ट्रपति को दया याचिका दी जा सकती है।
Cअनुच्छेद 323A और 323B के वे प्रावधान जो उच्च न्यायालयों के रिट अधिकार क्षेत्र (अनुच्छेद 226/227) को अपवर्जित करते थे, असंवैधानिक हैं; अतः अधिकरण के निर्णय को पहले संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ (Division Bench) में ही चुनौती दी जाएगी।
Dसभी अधिकरणों को असंवैधानिक घोषित कर समाप्त कर दिया गया।
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 323A और 323B के वे प्रावधान जो उच्च न्यायालयों के रिट अधिकार क्षेत्र (अनुच्छेद 226/227) को अपवर्जित करते थे, असंवैधानिक हैं; अतः अधिकरण के निर्णय को पहले संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ (Division Bench) में ही चुनौती दी जाएगी।
एल. चंद्र कुमार बनाम भारत संघ (1997) में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 226/227 और 32 के तहत न्यायिक समीक्षा संविधान की मूल संरचना है। अधिकरण उच्च न्यायालयों के पूर्ण विकल्प नहीं हैं; उनके निर्णय संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं।