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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS), जो 1 जुलाई 2024 से लागू है, के तहत आपराधिक न्यायालयों की श्रेणियों के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 32 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 10प्रश्न 32 / 50

विकल्प

Aमहानगर क्षेत्रों में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट और मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अलग वैधानिक श्रेणियाँ यथावत रखी गई हैं।
BBNSS ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की पृथक श्रेणी समाप्त कर दी; अब सत्र न्यायालय, प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जैसी श्रेणियाँ दी गई हैं।
CBNSS ने सभी आपराधिक न्यायालयों का नाम ग्राम न्यायालय कर दिया है।
DBNSS के तहत केवल सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय ही आपराधिक मामलों की सुनवाई कर सकते हैं।
सही उत्तर: B. BNSS ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की पृथक श्रेणी समाप्त कर दी; अब सत्र न्यायालय, प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जैसी श्रेणियाँ दी गई हैं।
BNSS की धारा 6 में सत्र न्यायालय, प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की श्रेणियाँ दी गई हैं। पुराने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में मौजूद 'Metropolitan Magistrate/Chief Metropolitan Magistrate' की अलग व्यवस्था नई संहिता में हटा दी गई है।

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