LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests

ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 (Gram Nyayalayas Act, 2008) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्राम न्यायालय सामान्यतः मध्यवर्ती पंचायत स्तर के लिए स्थापित किए जाते हैं। 2. इसके पीठासीन अधिकारी 'न्यायाधिकारी' (Nyayadhikari) की नियुक्ति राज्य सरकार उच्च न्यायालय से परामर्श करके करती है। 3. ग्राम न्यायालय दीवानी और आपराधिक दोनों मामलों की सुनवाई कर सकते हैं और भ्रमणशील न्यायालय के रूप में भी कार्य कर सकते हैं। 4. ग्राम न्यायालय साक्ष्य कानून के कठोर नियमों से पूर्णतः बंधे होते हैं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित नहीं होते। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 29 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 10प्रश्न 29 / 50

विकल्प

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 1 और 4
D1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 3
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ग्राम न्यायालयों को प्रक्रिया और साक्ष्य के कठोर तकनीकी नियमों से अपेक्षाकृत मुक्त, सरल और सुलभ न्याय देने के लिए बनाया गया है; वे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होते हैं। इसलिए कथन 4 गलत है।

इसी प्रश्न को अभ्यास मोड में खोलें