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विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) के तहत गठित 'लोक अदालतों' (Lok Adalats) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 27 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 10प्रश्न 27 / 50

विकल्प

Aलोक अदालत के समक्ष कोई न्यायालय शुल्क (Court Fee) देय नहीं होता है, और यदि नियमित अदालत में लंबित मुकदमा लोक अदालत में सुलझ जाता है, तो जमा शुल्क वापस कर दिया जाता है।
Bलोक अदालत का निर्णय दीवानी अदालत की डिक्री (Civil Court Decree) के समान अंतिम और बाध्यकारी होता है।
Cलोक अदालत के फैसले के विरुद्ध नियमित दीवानी अदालत में अपील की जा सकती है।
Dलोक अदालत दीवानी/समझौता-योग्य विवादों और शमनीय आपराधिक मामलों को ले सकती है; गैर-शमनीय आपराधिक मामलों को नहीं।
सही उत्तर: C. लोक अदालत के फैसले के विरुद्ध नियमित दीवानी अदालत में अपील की जा सकती है।
लोक अदालत का निर्णय दीवानी न्यायालय की डिक्री के समान अंतिम और बाध्यकारी होता है; उसके विरुद्ध नियमित अपील नहीं होती। लंबित मुकदमा लोक अदालत में सुलझने पर न्यायालय शुल्क वापस किया जा सकता है। गैर-शमनीय आपराधिक अपराध लोक अदालत के अधिकार-क्षेत्र से बाहर हैं।

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