13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने स्वतंत्र और संप्रभु भारत की संवैधानिक दिशा रखी। 2. इसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया। 3. इसके मूल आदर्श आगे चलकर प्रस्तावना में प्रतिबिंबित हुए। सही कथन कौन-से हैं?
Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान-निर्माण की दार्शनिक दिशा—संप्रभुता, लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्याय, स्वतंत्रता और समानता—का आधार रखा। 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया गया और इसके मूल विचार संविधान की प्रस्तावना में विकसित रूप से दिखाई देते हैं।