भारतीय संवैधानिक इतिहास में 'सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक' किसे कहा जाता है?
Aलॉर्ड कर्जन
Bलॉर्ड मिंटो
Cलॉर्ड चेम्सफोर्ड
Dलॉर्ड डलहौजी
सही उत्तर: B. लॉर्ड मिंटो
लॉर्ड मिंटो सही उत्तर है। 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन व्यवस्था स्वीकार की गई। इस व्यवस्था ने मतदाताओं और प्रतिनिधियों को धार्मिक समुदाय के आधार पर अलग किया और आगे की संवैधानिक राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला।