जल संसाधन और जल सुरक्षा
भारत के जल संसाधन, वर्षा-निर्भरता, भूजल, नदी-घाटी प्रबंधन, जल-उपयोग दक्षता, जल सुरक्षा और UPSC उपयोग।
भारत का जल संदर्भ
भारत की जल उपलब्धता स्थान और समय दोनों में असमान है। मानसूनी वर्षा की मौसमी प्रकृति, भूजल दोहन, सिंचाई मांग और शहरीकरण जल प्रबंधन को जटिल बनाते हैं।
जल सुरक्षा
जल सुरक्षा का अर्थ पर्याप्त मात्रा, स्वीकार्य गुणवत्ता, विश्वसनीय उपलब्धता और पारिस्थितिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन से है।
प्रबंधन के प्रमुख आयाम
नदी-घाटी दृष्टिकोण, भूजल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, जल-उपयोग दक्षता, अपशिष्ट जल पुनः उपयोग और स्थानीय भागीदारी।
प्रीलिम्स और मेन्स
नदी तंत्र, जलभृत, सिंचाई, WASH, जल संकट के कारण, मांग प्रबंधन (Demand Management) और जलवायु सहनीयता (Climate Resilience)।
NCERT आधार
- कक्षा 12 भारत: लोग और अर्थव्यवस्था — जल संसाधन
- कक्षा 11 भारत: भौतिक पर्यावरण — अपवाह तंत्र
नदी-घाटी दृष्टिकोण, भूजल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, जल-उपयोग दक्षता, अपशिष्ट जल पुनः उपयोग और स्थानीय भागीदारी।
नदी तंत्र, जलभृत, सिंचाई, WASH, जल संकट के कारण, मांग प्रबंधन (Demand Management) और जलवायु सहनीयता (Climate Resilience)।
UPSC PYQ
भारत के जल संकट के समाधान में, सूक्ष्म-सिंचाई कैसे और किस सीमा तक सहायक होगी?
जल संसाधन और जल सुरक्षा
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- जल उपलब्धता स्थान और समय में असमान
- भूजल और सतही जल को साथ पढ़ें
- Supply + Demand दोनों प्रबंधन
- जलवायु परिवर्तन से जोखिम बढ़ता है