1.5.2.1 मध्य-महासागरीय कटक
महासागरों के भीतर फैली लंबी, ज्वालामुखीय और विवर्तनिक पर्वत-शृंखला को मध्य-महासागरीय कटक (Mid-Ocean Ridge) कहा जाता है।
ये मुख्यतः अपसारी प्लेट सीमाएँ हैं जहाँ दो महासागरीय प्लेटें अलग होती हैं और नया महासागरीय पर्पटी पदार्थ बनता है।
पूरी पृथ्वी के मध्य-महासागरीय कटक आपस में जुड़े हुए एक विशाल वैश्विक तंत्र का निर्माण करते हैं।
वैश्विक विस्तार
मध्य-महासागरीय कटक तंत्र की कुल लंबाई लगभग 60,000–65,000 किमी के क्रम की मानी जाती है।
यह पृथ्वी की सबसे लंबी निरंतर पर्वतीय प्रणालियों में से है, लेकिन इसका अधिकांश भाग समुद्र के नीचे है।
निर्माण
कटक के नीचे गर्म मैंटल ऊपर उठता है।
दाब कम होने पर आंशिक पिघलाव होता है।
बेसाल्टिक मैग्मा ऊपर आता है।
यह ठंडकर—
- बेसाल्टिक लावा,
- शीटेड डाइक,
- गहरे भाग में गैब्रो
जैसी महासागरीय पर्पटी बनाता है।
केंद्रीय रिफ्ट
धीमी गति से फैलने वाले कटकों पर कटक के बीच में स्पष्ट रिफ्ट घाटी (Rift Valley) विकसित हो सकती है।
यहाँ—
- भ्रंश,
- भूकंप,
- ज्वालामुखिता
सक्रिय होते हैं।
प्रमुख उदाहरण
मध्य-अटलांटिक कटक
अटलांटिक महासागर के बीच से गुजरता है।
यह अपेक्षाकृत धीमी प्रसार दर वाला कटक है।
आइसलैंड इसी कटक के ऊपर स्थित विशेष क्षेत्र है जहाँ कटक समुद्र सतह से ऊपर दिखाई देता है।
पूर्वी प्रशांत उत्थान
तेज प्रसार वाला क्षेत्र।
यह मध्य-अटलांटिक कटक की तुलना में अधिक चौड़ा और अपेक्षाकृत कम स्पष्ट केंद्रीय घाटी वाला हो सकता है।
हिंद महासागर कटक तंत्र
इसमें—
- दक्षिण-पश्चिम भारतीय कटक,
- मध्य भारतीय कटक,
- दक्षिण-पूर्व भारतीय कटक
जैसे खंड शामिल हैं।
इनका भारत और हिंद महासागर की प्लेट गतिशीलता से विशेष महत्व है।
रूपांतर भ्रंश
मध्य-महासागरीय कटक एक सीधी अखंड रेखा नहीं है।
इसके खंड कई बार रूपांतर भ्रंश (Transform Faults) से विस्थापित होते हैं।
इन भ्रंशों पर प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं और भूकंप उत्पन्न हो सकते हैं।
ऊष्मा प्रवाह
कटक के पास महासागरीय पर्पटी नई और गर्म होती है।
इसलिए वहाँ ऊष्मा प्रवाह अधिक होता है।
दूर जाने पर पर्पटी—
- ठंडी,
- घनी,
- मोटी
होती जाती है।
ठंडने के साथ महासागर तल धीरे-धीरे नीचे बैठता है।
जलतापीय छिद्र
समुद्री जल दरारों से गर्म पर्पटी में प्रवेश करता है।
गर्म होकर धातु और खनिज घोलता है।
फिर कटक के पास गर्म द्रव के रूप में बाहर निकल सकता है।
इन्हें जलतापीय छिद्र (Hydrothermal Vents) कहा जाता है।
काला धूम्रक
बहुत गरम, सल्फाइड-समृद्ध द्रव समुद्री जल में तेजी से ठंडकर काले धुएँ जैसी खनिज कण धारा बनाता है।
इसे काला धूम्रक (Black Smoker) कहा जाता है।
जैविक महत्व
जलतापीय छिद्रों के पास सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता।
फिर भी रासायनिक ऊर्जा पर आधारित जीव समुदाय विकसित हो सकते हैं।
यहाँ रासायनिक संश्लेषण (Chemosynthesis) खाद्य शृंखला का आधार हो सकता है।
यह जीवन की ऊर्जा प्रणालियों के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कटक और भूकंप
मध्य-महासागरीय कटक पर भूकंप सामान्यतः उथले होते हैं।
यह अपसारी प्लेट सीमा की पहचान है।
गहरे भूकंप सामान्यतः सबडक्शन क्षेत्रों से जुड़े होते हैं, कटक से नहीं।
कटक और चुंबकीय धारियाँ
कटक पर बनने वाला नया बेसाल्ट उस समय की पृथ्वी की चुंबकीय ध्रुवीयता दर्ज करता है।
समय के साथ ध्रुवीयता बदलती है और नया तल बनता रहता है।
इससे कटक के दोनों ओर सममित चुंबकीय धारियाँ विकसित होती हैं।
2026 का समसामयिक अद्यतन — दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर कटक
2026 में प्रकाशित शोध ने दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर कटक पर समुद्रतल प्रसार की एक घटना को प्रत्यक्ष समुद्रतलीय उपकरणों से दर्ज किया।
घटना 26 अप्रैल 2024 से शुरू हुई थी।
मापन में—
- भूकंपीय गतिविधि का तेज प्रवास,
- कई मीटर क्षैतिज विस्तार,
- समुद्रतल का धँसाव,
- बड़े लावा प्रवाह
दर्ज किए गए।
यह मध्य-महासागरीय कटक की कार्यप्रणाली का आधुनिक प्रत्यक्ष प्रमाण है।
कटक और महासागरीय पर्पटी की आयु
कटक अक्ष पर पर्पटी सबसे युवा होती है।
कटक से जितनी दूर जाएँ—
- पर्पटी उतनी पुरानी,
- ठंडी,
- अधिक घनी,
- अधिक अवसाद से ढकी
होती जाती है।
परीक्षा-फँद
महासागर की सबसे पुरानी पर्पटी मध्य-महासागरीय कटक पर नहीं, बल्कि कटक से दूर पुराने क्षेत्रों में होती है।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा PYQ
मध्य-महासागरीय कटक को सीधे नाम लेकर पूछने वाला स्पष्ट हालिया प्रत्यक्ष प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा PYQ
भूगोल वैकल्पिक, 2013
अपतटीय ध्वनिक अध्ययन द्वारा समुद्रतल प्रसार अवधारणा के विकास पर प्रश्न में मध्य-महासागरीय कटक का मानचित्रण प्रमुख आधार था।
भूगोल वैकल्पिक, 2023
पुराचुंबकत्व और समुद्रतल प्रसार के प्रमाणों पर प्रश्न में मध्य-महासागरीय कटक केंद्रीय अवधारणा है।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा PYQ
69वीं प्रारंभिक परीक्षा, 2023
नई पर्पटी लगातार जोड़ने वाली प्रक्रिया के रूप में समुद्रतल प्रसार पूछा गया।
मध्य-महासागरीय कटक वही प्रमुख स्थान है जहाँ यह प्रक्रिया होती है।
इस सूक्ष्म शीर्षक को नाम से पूछने वाला अलग प्रत्यक्ष प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा PYQ
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य
मध्य-महासागरीय कटक = अपसारी सीमा।
नई पर्पटी = कटक अक्ष पर।
पर्पटी की आयु = कटक से दूर बढ़ती है।
ऊष्मा प्रवाह = कटक पर अधिक।
भूकंप = सामान्यतः उथले।
जलतापीय छिद्र = कटक से जुड़े।
मध्य-अटलांटिक कटक = धीमा प्रसार।
निष्कर्ष
मध्य-महासागरीय कटक पृथ्वी की नई महासागरीय पर्पटी की उत्पादन-रेखा है। यहाँ मैग्मा, भ्रंश, भूकंप, जलतापीय तंत्र और समुद्रतल प्रसार एक साथ काम करते हैं। 2026 का हिंद महासागर प्रत्यक्ष अवलोकन इस गतिशील प्रणाली की आधुनिक पुष्टि है।