1.5.4.1 अपसारी सीमा

जहाँ दो विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं, वहाँ अपसारी सीमा (Divergent Boundary) बनती है।

यहाँ नया स्थलमंडलीय पदार्थ बन सकता है, इसलिए इसे रचनात्मक प्लेट सीमा (Constructive Plate Boundary) भी कहा जाता है।

मुख्य प्रकार

महासागरीय अपसारी सीमा

दो महासागरीय प्लेटें अलग होती हैं।

मध्य-महासागरीय कटक बनता है।

बेसाल्टिक मैग्मा ऊपर आकर नई महासागरीय पर्पटी बनाता है।

उदाहरण—

महाद्वीपीय अपसारी सीमा

महाद्वीपीय स्थलमंडल खिंचता और पतला होता है।

सामान्य भ्रंशों से रिफ्ट घाटी बनती है।

यदि विस्तार जारी रहे तो भविष्य में नया महासागर बन सकता है।

उदाहरण—

पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट।

महासागरीय कटक पर प्रक्रिया

प्लेटें दूर जाती हैं।

नीचे का गर्म मैंटल ऊपर उठता है।

दाब कम होने से आंशिक पिघलाव होता है।

बेसाल्टिक मैग्मा ऊपर आता है।

नई महासागरीय पर्पटी बनती है।

रिफ्ट घाटी

धीमी प्रसार दर वाले कटकों और महाद्वीपीय रिफ्ट में केंद्रीय धँसा क्षेत्र बन सकता है।

इसे रिफ्ट घाटी (Rift Valley) कहते हैं।

भूकंप

अपसारी सीमाओं पर भूकंप सामान्यतः—

होते हैं।

यहाँ गहरे भूकंप सामान्य नहीं होते क्योंकि कोई ठंडी स्लैब गहरे मैंटल में नहीं जा रही होती।

ज्वालामुखिता

अपसारी सीमा पर ज्वालामुखिता सामान्यतः बेसाल्टिक होती है।

बेसाल्टिक मैग्मा अपेक्षाकृत कम श्यान होता है।

इसलिए अनेक मध्य-महासागरीय विस्फोट शांत लावा प्रवाह रूप में हो सकते हैं।

जलतापीय तंत्र

समुद्री जल दरारों से गर्म पर्पटी में जाता है।

खनिज घोलकर गर्म द्रव के रूप में बाहर आता है।

इससे जलतापीय छिद्र और काले धूम्रक बन सकते हैं।

पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट

अफ्रीकी प्लेट के पूर्वी भाग में महाद्वीपीय रिफ्ट सक्रिय है।

यह नूबियन और सोमाली प्लेटों/खंडों के अलग होने से जुड़ा है।

अफार त्रि-संगम पर—

मिलते हैं।

लाल सागर

महाद्वीपीय रिफ्ट से विकसित होकर युवा समुद्री बेसिन बनने का उदाहरण।

अरब प्लेट अफ्रीका से दूर जा रही है।

भारत से संबंध

हिंद महासागर में भारत से जुड़े कटक—

महत्वपूर्ण हैं।

इनसे हिंद महासागर की प्लेट गतिशीलता और समुद्रतल प्रसार जुड़ा है।

2026 की प्रत्यक्ष अपसारी घटना

दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर कटक पर 2024 की प्रसार घटना को 2026 में प्रकाशित अध्ययन ने प्रत्यक्ष समुद्रतलीय मापन से दर्ज किया।

कुछ दिनों में—

यह अपसारी सीमा पर नई पर्पटी बनने का आधुनिक प्रत्यक्ष प्रमाण है।

अपसारी सीमा और चुंबकीय धारियाँ

नया बेसाल्ट उस समय की चुंबकीय ध्रुवीयता दर्ज करता है।

लगातार प्रसार से कटक के दोनों ओर लगभग सममित चुंबकीय धारियाँ बनती हैं।

सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

अपसारी सीमा को सीधे नाम लेकर पूछने वाला स्पष्ट हालिया प्रत्यक्ष प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।

सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न

भूगोल वैकल्पिक, 2019

विभिन्न प्लेट सीमाओं की तुलना करने वाला प्रश्न अपसारी सीमा पर प्रत्यक्ष लागू होता है।

सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

69वीं प्रारंभिक परीक्षा, 2023

नई पर्पटी लगातार जोड़ने वाली प्रक्रिया पूछी गई।

सही उत्तर—समुद्रतल प्रसार।

यह अपसारी सीमा की प्रमुख प्रक्रिया है।

सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।

प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य

अपसारी = प्लेटें दूर।

नई पर्पटी बनती है।

महासागर में मध्य-महासागरीय कटक।

महाद्वीप में रिफ्ट घाटी।

भूकंप सामान्यतः उथले।

ज्वालामुखिता सामान्यतः बेसाल्टिक।

पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट = महाद्वीपीय अपसरण।

निष्कर्ष

अपसारी सीमा पृथ्वी की पर्पटी निर्माण प्रणाली है। महाद्वीपीय रिफ्ट से लेकर मध्य-महासागरीय कटक तक यह प्रक्रिया स्थलमंडल को खींचती, मैग्मा उत्पन्न करती और नई महासागरीय पर्पटी बनाती है।