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GS-I भूगोल + GS-II संघवाद

ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र और अंतर्राज्यीय सीमा विवाद

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ब्रह्मपुत्र एक अंतरराष्ट्रीय, हिमालयी और बहुराज्यीय नदी तंत्र है। इसे पढ़ते समय नदी के बदलते नाम, उत्तर/दक्षिण तट की सहायक नदियाँ और जल-राजनीति अलग-अलग समझना जरूरी है। इसी मॉड्यूल में राज्यों के बीच सीमा विवादों के संवैधानिक समाधान को भी जोड़ा गया है।

UPSC Static SeriesDay 1 • 27 अक्टूबर 2026प्रारंभिक + मुख्य परीक्षातथ्य-जाँच सहित

1. नाम और प्रवाह

नदी तिब्बती पठार में हिमनदीय क्षेत्र से निकलकर तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो कहलाती है। नामचा बरवा के निकट विशाल मोड़ लेकर अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर इसे सियांग/दिहांग कहा जाता है। असम में दिबांग और लोहित के मिलने के बाद मुख्य धारा ब्रह्मपुत्र कहलाती है और बांग्लादेश में इसका प्रमुख नाम जमुना है।

2. प्रमुख सहायक नदियाँ

समूहमुख्य उदाहरण
असम में उत्तर/दाएँ तट से आने वाली प्रमुख नदियाँसुबनसिरी, कामेंग/जिया-भरेली, मानस, संकोश
दक्षिण/बाएँ तट से आने वाली प्रमुख नदियाँबूढ़ी दिहिंग, धनसिरी, कोपिली; ऊपरी संगम क्षेत्र में दिबांग और लोहित
बांग्लादेश में महत्वपूर्ण संगमतीस्ता जमुना से बांग्लादेश में मिलती है; इसे असम की साधारण दाएँ-तट सहायक सूची में रखना भ्रामक हो सकता है।

परीक्षा-ट्रैप: नदी की सहायक नदियों को केवल याद न करें; मानचित्र पर उत्तर-बैंक और दक्षिण-बैंक समूह बनाकर पढ़ें।

3. सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना (SUMP)

अरुणाचल प्रदेश में सियांग पर लगभग 11,200 मेगावाट की प्रस्तावित बहुउद्देशीय परियोजना को जलविद्युत, बाढ़-नियमन और ऊपरी धारा में संभावित बड़े भंडारण के संदर्भ में देखा जा रहा है। 2026 तक परियोजना प्रस्ताव/पूर्व-व्यवहार्यता और स्थानीय परामर्श-विरोध के चरणों से जुड़ी रही; इसे पूर्ण निर्माणाधीन परियोजना मानना सही नहीं है।

मुख्य विमर्श: पारिस्थितिकी, भूकंपीय जोखिम, जनजातीय भूमि-अधिकार, विस्थापन, अवसाद प्रवाह, डाउनस्ट्रीम सुरक्षा और चीन की ऊपरी धारा गतिविधियाँ।

4. राज्यों के बीच सीमा विवाद: संवैधानिक औजार

प्रावधानभूमिका
अनुच्छेद 131केंद्र–राज्य या राज्य–राज्य के कानूनी विवादों में सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार, जहाँ विधिक अधिकार का प्रश्न हो।
अनुच्छेद 3संसद को राज्यों की सीमा, क्षेत्र और नाम में परिवर्तन सहित राज्य पुनर्गठन की शक्ति।
अनुच्छेद 263राष्ट्रपति अंतर्राज्यीय परिषद स्थापित कर सकता है; विवादों की जाँच/सलाह और समन्वय के लिए मंच।
अनुच्छेद 262अंतर्राज्यीय नदी जल विवादों के निर्णय से संबंधित अलग संवैधानिक प्रावधान। इसे भू-सीमा विवाद के साथ न मिलाएँ।

5. उदाहरण

  • कोटिया: ओडिशा–आंध्र प्रदेश सीमा पर गाँवों का विवाद; ऐतिहासिक सीमांकन और प्रशासनिक नियंत्रण से जुड़ा।
  • बेलगावी: महाराष्ट्र–कर्नाटक विवाद; भाषा और राज्य पुनर्गठन की पृष्ठभूमि।
  • असम के सीमा विवाद: नागालैंड, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के साथ अलग-अलग ऐतिहासिक सीमांकन प्रश्न।
  • महत्वपूर्ण सुधार: कालापानी–लिपुलेख भारत–नेपाल का अंतरराष्ट्रीय सीमा विवाद है, भारत का अंतर्राज्यीय सीमा विवाद नहीं।

6. अभ्यास

प्रारंभिक: अनुच्छेद 262 और 263 समान विषय से संबंधित हैं—गलत; 262 जल विवाद, 263 अंतर्राज्यीय परिषद/समन्वय।

मुख्य परीक्षा: अंतर्राज्यीय सीमा विवाद केवल कानूनी नहीं, ऐतिहासिक-प्रशासनिक और राजनीतिक समस्याएँ भी हैं। अनुच्छेद 131, 3 और 263 के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

आधिकारिक/प्राथमिक स्रोततथ्य सत्यापन

स्थायी अवधारणाओं को संबंधित सरकारी, संवैधानिक, वैज्ञानिक और नियामक स्रोतों से मिलाकर प्रस्तुत किया गया है।