1. औद्योगिक क्षेत्रक का अवलोकन एवं जीडीपी में योगदान (Overview & Economic Role)
भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्षेत्रक (Industrial Sector) न केवल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 28-30% का योगदान देता है, बल्कि यह कृषि क्षेत्र से अतिरिक्त श्रम शक्ति को खपाने तथा सेवा क्षेत्रक को बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज (Backward & Forward Linkages) प्रदान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
[ औद्योगिक क्षेत्रक का आर्थिक चक्र ]
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[कृषि के लिए इनपुट] [सेवा क्षेत्रक हेतु माँग]
(ट्रैक्टर, उर्वरक, प्रसंस्करण) (परिवहन, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स)
(A) औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production - IIP)
IIP भारत में औद्योगिक गतिविधियों के अल्पकालिक परिवर्तनों का मापन करने वाला एक प्रमुख समग्र संकेतक है।
(B) 8 कोर बुनियादी उद्योग (8 Core Infrastructure Industries)
IIP में शामिल कुल औद्योगिक उत्पादन का 40.27% भारांश केवल इन 8 कोर उद्योगों का है। इनका भारांश क्रम (भारिता के घटते क्रम में) UPSC प्रीलिम्स हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है:
| क्रम | कोर उद्योग (Core Industry) | भारांश (Weightage %) | मुख्य विशेषताएँ व उपयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products) | 28.04% | सर्वोच्च भारांश; पेट्रोकेमिकल्स एवं ईंधन आधार। |
| 2 | बिजली (Electricity) | 19.85% | औद्योगिक संचालन हेतु प्राथमिक ऊर्जा घटक। |
| 3 | इस्पात / स्टील (Steel) | 17.92% | अवसंरचना एवं निर्माण का आधार। |
| 4 | कोयला (Coal) | 10.33% | तापीय विद्युत उत्पादन का प्रमुख स्रोत। |
| 5 | कच्चा तेल (Crude Oil) | 8.98% | ऊर्जा सुरक्षा एवं आयात निर्भरता। |
| 6 | प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | 6.88% | स्वच्छ ऊर्जा एवं उर्वरक उद्योग का कच्चा माल। |
| 7 | सीमेंट (Cement) | 5.37% | रियल एस्टेट व अवसंरचना विकास का सूचकांक। |
| 8 | उर्वरक (Fertilizers) | 2.63% | न्यूनतम भारांश; कृषि उत्पादकता हेतु आवश्यक। |
2. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME Sector)
MSME क्षेत्रक को भारतीय अर्थव्यवस्था का 'विकास इंजन' (Engine of Growth) कहा जाता है। यह भारत के कुल विनिर्माण उत्पादन का लगभग 45%, निर्यात का 40% से अधिक और लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
(A) MSME की संशोधित परिभाषा (MSME Revised Definition - 2020)
1 जुलाई 2020 से विनिर्माण (Manufacturing) तथा सेवा (Services) क्षेत्रक के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया गया है। नई परिभाषा 'निवेश (Investment)' तथा 'वार्षिक टर्नओवर (Annual Turnover)' दोनों के संयुक्त मापदंडों पर आधारित है:
+------------------------------------------------------------------------+ | MSME का नया वर्गीकरण मापदंड | +-------------------+----------------------------+-----------------------+ | उद्यम का प्रकार | संयंत्र/मशीनरी में निवेश | वार्षिक टर्नओवर | +-------------------+----------------------------+-----------------------+ | सूक्ष्म (Micro) | <= ₹1 करोड़ | <= ₹5 करोड़ | | लघु (Small) | <= ₹10 करोड़ | <= ₹50 करोड़ | | मध्यम (Medium) | <= ₹50 करोड़ | <= ₹250 करोड़ | +-------------------+----------------------------+-----------------------+
(B) MSME क्षेत्रक की प्रमुख पहलें
3. भारत की ऐतिहासिक औद्योगिक नीतियाँ (Historical Industrial Policies)
[1948 की नीति] ──> [1956 की नीति] ──> [1977/80 की नीति] ──> [1991 की नई औद्योगिक नीति] (मिश्रित अर्थ.) (महालनोबिस मॉडल) (कुटीर उद्योग बल) (LPG: डी-लाइसेंसिंग)
(A) 1948 की औद्योगिक नीति संकल्प (IPR 1948)
(B) 1956 की औद्योगिक नीति संकल्प (IPR 1956 - औद्योगिक संविधान)
(C) 1991 की नई औद्योगिक नीति (New Industrial Policy 1991)
एलपीजी (LPG - Liberalization, Privatization, Globalization) सुधारों के तहत भारतीय उद्योग जगत का क्रांतिकारी कायाकल्प किया गया:
4. विनिर्माण एवं आधुनिक पहलें (Manufacturing Initiatives)
(A) मेक इन इंडिया (Make in India 2.0)
(B) उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme)
(C) पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti Master Plan)
(D) राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 (National Logistics Policy - NLP)
5. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) एवं विनिवेश नीति
(A) CPSEs का वर्गीकरण (Maharatna, Navratna, Miniratna)
[ CPSEs का वर्गीकरण ]
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[महारत्न (Maharatna)] [नवरत्न (Navratna)] [मिनीरत्न (Miniratna)]
(विशाल स्वायत्तता) (मध्यम स्वायत्तता) (सीमित स्वायत्तता)
| दर्जा (Status) | मुख्य वित्तीय मानदंड (Financial Criteria) | वित्तीय स्वायत्तता (Financial Autonomy) |
|---|---|---|
| महारत्न (Maharatna) | • नवरत्न का दर्जा प्राप्त हो।<br>• पिछले 3 वर्षों में औसतन वार्षिक शुद्ध लाभ > ₹5,000 करोड़।<br>• औसतन टर्नओवर > ₹25,000 करोड़ या शुद्ध मूल्य (Net Worth) > ₹15,000 करोड़। | बिना सरकारी पूर्व स्वीकृति के ₹5,000 करोड़ तक या परियोजना के मूल्य का 15% निवेश करने की स्वतंत्रता। |
| नवरत्न (Navratna) | • मिनीरत्न Category-I हो।<br>• 6 चयनित वित्तीय संकेतकों में 100 में से कम से कम 60 अंक प्राप्त करे। | बिना सरकारी स्वीकृति के ₹1,000 करोड़ तक या शुद्ध मूल्य का 15% निवेश करने की क्षमता। |
| मिनीरत्न (Miniratna) | • Category-I: पिछले 3 वर्षों में निरंतर लाभ और शुद्ध लाभ ₹30 करोड़ या अधिक। | Category-I: ₹500 करोड़ तक अथवा शुद्ध मूल्य के बराबर निवेश का अधिकार। |
(प्रमुख महारत्न कंपनियाँ: NTPC, ONGC, IOCL, SAIL, BHEL, GAIL, HPCL, BPCL, POWERGRID, PFC, REC, OIL आदि)
(B) विनिवेश एवं रणनीतिक बिक्री (Disinvestment vs Strategic Disinvestment)
(C) राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन (National Monetization Pipeline - NMP)
6. अवसंरचना विकास एवं वित्तपोषण (Infrastructure & Financing)
(A) राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (National Infrastructure Pipeline - NIP)
(B) NaBFID (National Bank for Financing Infrastructure and Development)
7. UPSC परीक्षा विशेष मॉड्यूल (Exam Special Module)
(A) प्रीलिम्स हेतु त्वरित पुनरीक्षण बिंदु (Quick Revision Points)
(B) यूपीएससी प्रारम्भिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice MCQs)
प्रश्न 1. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के अंतर्गत शामिल '8 कोर उद्योगों' (Core Industries) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 और 2 (B) केवल 3 (C) केवल 2 और 3 (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (B) व्याख्या: कथन 1 गलत है (IIP में कोर उद्योगों का भारांश 40.27% है)। कथन 2 गलत है (सर्वोच्च भारांश 'रिफाइनरी उत्पाद' का 28.04% है, जबकि बिजली दूसरे स्थान पर 19.85% है)। कथन 3 सही है (उर्वरक का भारांश न्यूनतम 2.63% है)।
(C) मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन ढाँचा (Mains Answer Blueprint)
प्रश्न: "क्या भारत ने प्राथमिक (कृषि) क्षेत्रक से सीधे तृतीयक (सेवा) क्षेत्रक में छलांग लगाकर विनिर्माण चरण को पीछे छोड़ दिया है? भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों की विवेचना कीजिए तथा 'मेक इन इंडिया' व 'PLI योजना' की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।" (250 शब्द, 15 अंक)
[ मेन्स उत्तर-लेखन संरचना ]
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[भूमिका (Introduction)] [मुख्य भाग (Body Content)] [निष्कर्ष (Conclusion)]
• समयपूर्व विमुद्रीकरण • छलांग के दुष्परिणाम • PLI/गतिशक्ति से समाधान
(Premature • रोजगारहीन संवृद्धि • 'असेंबल इन इंडिया' से
Deindustrialization) • PLI व लॉजिस्टिक्स प्रभाव 'मेक इन इंडिया'