1. प्रस्तावना एवं पृष्ठभूमि (Introduction & Background)
डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) से तात्पर्य उस आर्थिक प्रणाली से है जो इंटरनेट, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, डेटा और आधुनिक फ़िनटेक (FinTech) अवसंरचना पर आधारित है। भारत में डिजिटल क्रांति न केवल आर्थिक लेन-देन की दक्षता बढ़ा रही है, बल्कि यह समावेशी विकास (Inclusive Growth), सुशासन (Good Governance) और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) का मुख्य चालक बन चुकी है।
NCERT एवं समष्टि अर्थशास्त्र से संबंध (NCERT Integration):
2. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर - DPI ('इंडिया स्टैक' / India Stack)
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) डिजिटल पहचान, भुगतान और डेटा विनिमय प्रणालियों का एक ऐसा सार्वजनिक रूप से निर्मित डिजिटल ढाँचा है जो खुले (Open), अंतर-संचालित (Interoperable) और समावेशी सिद्धांतों पर कार्य करता है।
DPI के तीन मुख्य स्तंभ (Three Pillars of India Stack):
┌────────────────────────────────────────┐
│ इंडिया स्टैक (India Stack) │
└───────────────────┬────────────────────┘
│
┌────────────────────────────────────┼────────────────────────────────────┐
▼ ▼ ▼
┌───────────┐ ┌───────────┐ ┌───────────┐
│ पहचान │ │ भुगतान │ │ डेटा │
│(Identity) │ │ (Payment) │ │ (Data) │
└─────┬─────┘ └─────┬─────┘ └─────┬─────┘
│ │ │
▼ ▼ ▼
• आधार (Aadhaar) • UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) • अकाउंट एग्रीगेटर (AA)
• e-KYC • e-RUPI • डिजीलॉकर (DigiLocker)
• e-Sign • PPIs & AePS • DEPA (Data Empowerment)
3. फ़िनटेक एवं डिजिटल भुगतान प्रणाली (FinTech & Digital Payments)
A. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI):
B. डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ONDC - Open Network for Digital Commerce):
C. e-RUPI (ई-रूपी):
4. सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC / ई-रुपया)
A. CBDC क्या है?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी 'ई-रुपया' (e-₹) देश की वैध मुद्रा (Legal Tender) का डिजिटल रूप है। यह सिक्कों और बैंक नोटों के समान ही मूल्य रखता है, किंतु यह सॉवरेन डिजिटल देयता (Sovereign Digital Liability) है।
B. CBDC बनाम क्रिप्टोकरेंसी बनाम UPI (तुलनात्मक विश्लेषण):
| मापदंड | CBDC (ई-रुपया) | क्रिप्टोकरेंसी (उदा. बिटकॉइन) | UPI (पेमेंट ऐप) |
|---|---|---|---|
| जारीकर्ता (Issuer) | केंद्रीय बैंक (RBI) | कोई केंद्रीय प्राधिकरण नहीं (Decentralized) | वाणिज्यिक बैंक/NPCI |
| कानूनी स्थिति | वैध मुद्रा (Legal Tender) | अनियंत्रित / एसेट श्रेणी | केवल धन हस्तांतरण का जरिया |
| मूल्य स्थिरता | 1:1 भौतिक नकदी के बराबर (स्थिर) | अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatile) | अंतर्निहित बैंक खाते का मूल्य |
| मध्यस्थता | RBI की प्रत्यक्ष देयता | पीयर-टू-पीयर (Blockchain) | वाणिज्यिक बैंकों की भागीदारी आवश्यक |
C. CBDC के लाभ:
5. डिजिटल अर्थव्यवस्था में नियामक ढाँचा एवं कानून
A. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act, 2023):
B. डिजिटल सुरक्षा एवं वित्तीय धोखाधड़ी नियंत्रण:
6. चुनौतियाँ एवं आगे की राह (Challenges & Way Forward)
प्रमुख चुनौतियाँ:
आगे की राह (Way Forward):
7. UPSC परीक्षा विशेष अभ्यास मॉड्यूल (Exam Special Module)
A. प्रारंभिक परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice MCQs)
प्रश्न 1. 'अकाउंट एग्रीगेटर (Account Aggregator - AA) फ्रेमवर्क' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 1 और 2 (C) केवल 2 और 3 (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (A)
व्याख्या: अकाउंट एग्रीगेटर (AA) केवल एक सहमति-आधारित (Consent-based) डेटा पाइपलाइन के रूप में कार्य करता है। यह ग्राहकों का डेटा अपने पास न तो संगृहीत (Store) करता है और न ही बिना ग्राहक की सहमति के किसी के साथ साझा कर सकता है। अतः कथन 2 और 3 गलत हैं।
प्रश्न 2. 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)' और 'क्रिप्टोकरेंसी' के बीच मुख्य अंतर क्या है? (A) CBDC ब्लॉकचेन का उपयोग नहीं कर सकता जबकि क्रिप्टोकरेंसी केवल ब्लॉकचेन पर चलती है। (B) CBDC केंद्रीय बैंक की सॉवरेन देयता (Sovereign Liability) है, जबकि क्रिप्टोकरेंसी का कोई केंद्रीय जारीकर्ता नहीं होता। (C) क्रिप्टोकरेंसी का मूल्य हमेशा स्थिर रहता है जबकि CBDC का मूल्य परिवर्तित होता रहता है। (D) CBDC केवल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में प्रयुक्त हो सकता है।
उत्तर: (B)
व्याख्या: CBDC आरबीआई द्वारा जारी वैध मुद्रा है जो सॉवरेन गारंटी के साथ आती है, जबकि क्रिप्टोकरेंसी अनियंत्रित व बिना किसी सॉवरेन गारंटी की विकेंद्रीकृत संपत्ति है।
B. मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन ढाँचा (Mains Answer Blueprint)
प्रश्न: "डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) भारत में अंतिम छोर तक वित्तीय समावेशन और सुशासन का एक क्रांति कारक माध्यम बनकर उभरा है।" विश्लेषण कीजिए। साथ ही, इसके पूर्ण लाभ प्राप्त करने में विद्यमान चुनौतियों की चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)