ISRO का 2029 तक चार कार्यात्मक प्रक्षेपण पैड का लक्ष्य
कुलशेखरपट्टिनम में समर्पित SSLV परिसर और श्रीहरिकोटा में तीसरा पैड भारत की बढ़ती वाणिज्यिक एवं सामरिक प्रक्षेपण क्षमता का आधार।
27 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा है कि भारत 2029 तक चार कार्यात्मक प्रक्षेपण पैड विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसमें श्रीहरिकोटा के मौजूदा दो पैड के साथ वहाँ बन रहा तीसरा पैड और तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में समर्पित लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) परिसर शामिल होगा।
कुलशेखरपट्टिनम का महत्व
लगभग 2,000 एकड़ में बन रहा यह परिसर छोटे उपग्रहों के लिए समर्पित होगा। दक्षिण की ओर ध्रुवीय कक्षाओं में प्रक्षेपण के लिए इसकी भौगोलिक स्थिति उपयोगी है और इससे श्रीहरिकोटा से कुछ मिशनों में आवश्यक दिशा-परिवर्तन की बाधा कम हो सकती है।
रणनीतिक महत्व
अधिक प्रक्षेपण पैड से मिशन आवृत्ति, आपदा-पुनर्बहाली, वाणिज्यिक क्षमता और निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए उपलब्धता बढ़ सकती है। लेकिन प्रक्षेपण संख्या बढ़ाने के साथ रेंज सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव और विश्वसनीय आपूर्ति-श्रृंखला पर समान जोर चाहिए।