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परमाणु ऊर्जा, खनिज सुरक्षा एवं ऊर्जा संप्रभुता • संघ लोक सेवा आयोग 2027

UCIL की 2036 तक यूरेनियम उत्पादन दोगुना करने की योजना

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Uranium Corporation of India Limited (UCIL) ने 2036 तक घरेलू यूरेनियम उत्पादन दोगुना करने की योजना बताई है, ताकि भारत के विस्तारित परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए ईंधन सुरक्षा मजबूत की जा सके।

12 अक्टूबर 2026परीक्षा: प्रारंभिक + मुख्य सामान्य अध्ययन–I एवं III

पाठ्यक्रम से सीधा संबंध

  • प्रारंभिक: यूरेनियम निक्षेप, UCIL, परमाणु ईंधन और भारत का तीन-चरणीय कार्यक्रम।
  • मुख्य GS-I/III: खनिज वितरण, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और रणनीतिक संसाधन।

चर्चा में क्यों?

UCIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और नए greenfield projects के माध्यम से 2036 तक उत्पादन दोगुना करने की योजना की पुष्टि की। संसदीय समीक्षा में भी DAE ने 2036 तक क्षमता विस्तार का रोडमैप रखा है।

प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य तथ्य

  • UCIL: Department of Atomic Energy के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम; भारत में यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण का प्रमुख संस्थान।
  • मुख्य क्षेत्र: Jaduguda–Singhbhum belt (Jharkhand), Tummalapalle (Andhra Pradesh), Rohil (Rajasthan) और अन्य प्रस्तावित/विकासाधीन क्षेत्र।
  • रणनीति: मौजूदा खदानों की क्षमता बढ़ाना, नए projects और copper mine residues से uranium recovery जैसी पहलें।
  • भारत का तीन-चरणीय कार्यक्रम: PHWR → Fast Breeder Reactor → thorium/U-233 आधारित उन्नत चरण।
  • लक्ष्य संदर्भ: भारत 2047 तक परमाणु क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है।

मुख्य परीक्षा विश्लेषण

  • ईंधन सुरक्षा: घरेलू यूरेनियम उत्पादन बढ़ने से आयातित ईंधन पर निर्भरता घट सकती है।
  • बेसलोड बिजली: परमाणु ऊर्जा सौर-पवन की अस्थिरता के बीच कम-कार्बन, 24×7 बिजली उपलब्ध करा सकती है।
  • खनन चुनौतियाँ: निम्न-ग्रेड अयस्क, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति, tailings management और स्थानीय विश्वास महत्त्वपूर्ण मुद्दे हैं।
  • तकनीकी संक्रमण: दीर्घकाल में thorium संसाधनों का उपयोग भारत की तीन-चरणीय रणनीति का केंद्रीय उद्देश्य है।

अभ्यास प्रश्न

प्रारंभिक: Jaduguda झारखंड, Tummalapalle आंध्र प्रदेश और Rohil राजस्थान में यूरेनियम से जुड़े प्रमुख क्षेत्र हैं।

मुख्य: घरेलू यूरेनियम उत्पादन विस्तार भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है? (250 शब्द)

त्वरित पुनरावृत्ति

  • संस्था → UCIL
  • लक्ष्य → 2036 तक उत्पादन दोगुना
  • मुख्य क्षेत्र → Jharkhand, Andhra Pradesh, Rajasthan
  • दीर्घकालिक दिशा → 3-stage nuclear programme

प्रमुख स्रोत