राष्ट्रीय SC-ST हब: सार्वजनिक खरीद और समावेशी उद्यमिता
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National SC-ST Hub (NSSH) ने SC/ST उद्यमियों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्त और बाजार पहुँच से जोड़ते हुए सार्वजनिक खरीद में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: Ministry of MSME, NSSH, NSIC और Public Procurement Policy for MSEs।
- मुख्य GS-II/III: सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों का आर्थिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास।
चर्चा में क्यों?
8 अक्टूबर 2026 के PIB backgrounder के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक NSSH ने 1,90,414 लाभार्थियों की सहायता की और 54,499 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया। 2025-26 में SC/ST-owned MSEs से सार्वजनिक खरीद ₹4,013.42 करोड़ तक पहुँची।
प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य तथ्य
- शुरुआत: अक्टूबर 2016।
- मंत्रालय: Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (MSME)।
- कार्यान्वयन: National Small Industries Corporation (NSIC)।
- उद्देश्य: SC/ST उद्यमियों की क्षमता, तकनीक, वित्त, market linkage और public procurement participation बढ़ाना।
- Public Procurement Policy: केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों/CPSEs के लिए MSEs से न्यूनतम 25% procurement का लक्ष्य; इसके भीतर SC/ST-owned MSEs के लिए 4% earmark।
- 2025-26: ₹4,013.42 करोड़ procurement, 12,524 MSEs से।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
- बाजार पहुँच: सरकारी खरीद छोटे उद्यमों को स्थिर मांग और औपचारिक supply chains में प्रवेश देती है।
- सामाजिक पूँजी: mentoring, vendor development और GeM onboarding नेटवर्क की कमी को कम कर सकते हैं।
- वित्त: collateral और credit appraisal बाधाएँ प्रथम-पीढ़ी उद्यमियों के लिए अभी भी चुनौती हैं।
- परिणाम आधारित नीति: procurement प्रतिशत के साथ enterprise survival, scale-up, employment और technology adoption को भी मापना चाहिए।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक: NSSH का कार्यान्वयन NSIC करता है और इसका उद्देश्य mandated 4% SC/ST MSE procurement participation को बढ़ाना है।
मुख्य: सार्वजनिक खरीद को वंचित समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के राजकोषीय साधन के रूप में कैसे उपयोग किया जा सकता है? NSSH के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
त्वरित पुनरावृत्ति
- NSSH → अक्टूबर 2016
- कार्यान्वयन → NSIC
- लाभार्थी → 1,90,414 (31 जुलाई 2026 तक)
- SC/ST procurement earmark → 4%