उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद पुनः नामांकन अभियान: मतदाता सूची की शुद्धता और समावेशन
अंतिम मतदाता सूची के बाद निर्वाचन आयोग ने पूर्व सूची में मौजूद लेकिन नई सूची से छूटे मतदाताओं की पहचान और पात्र लोगों के पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान का निर्देश दिया है।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची और पंजीकरण।
- मुख्य: स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, मताधिकार और प्रशासनिक पारदर्शिता।
चर्चा में क्यों?
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision—SIR) के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में पूर्व सूची की तुलना में लगभग 8.02 लाख कम मतदाता दर्ज हुए। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India—ECI) ने पुराने और नए रोल की तुलना, घर-घर सत्यापन और पात्र छूटे व्यक्तियों के पुनः नामांकन में सहायता का निर्देश दिया है।
प्रक्रिया
बूथ स्तरीय अधिकारी (Booth Level Officer—BLO) पुराने और वर्तमान रोल का मिलान कर सकते हैं, पते पर जाकर पात्रता सत्यापित कर सकते हैं और आवश्यक होने पर मानक पंजीकरण फॉर्म भरने में सहायता कर सकते हैं। नया पात्र मतदाता नाम जोड़ने के लिए सामान्यतः फॉर्म 6 प्रयुक्त होता है।
संवैधानिक संदर्भ
भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की व्यापक जिम्मेदारी प्राप्त है। मतदाता सूची की प्रक्रिया का लक्ष्य अयोग्य/डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाते हुए किसी पात्र नागरिक को अनावश्यक रूप से बाहर न रहने देना है।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
बड़े पुनरीक्षण में डेटा-सटीकता, पर्याप्त सूचना, सुनवाई का अवसर, सरल पुनः नामांकन, डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यम और कमजोर समूहों के लिए सहायता आवश्यक हैं। शुद्धता और समावेशन को पूरक उद्देश्यों के रूप में देखना चाहिए।
प्रारंभिक परीक्षा के उच्च-मूल्य तथ्य
- निर्वाचन आयोग — अनुच्छेद 324.
- फॉर्म 6 — मतदाता नामांकन से संबंधित प्रमुख फॉर्म।
- बूथ स्तरीय अधिकारी स्थानीय सत्यापन तंत्र का हिस्सा हैं।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में शुद्धता और समावेशन के बीच संतुलन हेतु संस्थागत सुरक्षा उपायों की चर्चा कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- विषय: राजव्यवस्था एवं निर्वाचन
- समाचार तिथि: 4 अक्टूबर 2026
- परीक्षा संबंध: प्रारंभिक + सामान्य अध्ययन–II
- अंतिम मतदाता सूची के बाद निर्वाचन आयोग ने पूर्व सूची में मौजूद लेकिन नई सूची से छूटे मतदाताओं की पहचान और पात्र लोगों के पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान का निर्देश दिया है।