शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और BNSS की धारा 163: स्वतंत्रता, लोक-व्यवस्था और आनुपातिकता
जंतर-मंतर विवाद की पृष्ठभूमि में अनुच्छेद 19(1)(a), 19(1)(b), 19(3) और BNSS धारा 163 की संवैधानिक सीमाएँ।
27 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
दिल्ली में हाल के विरोध प्रदर्शनों, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत निषेधात्मक आदेशों के प्रयोग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में कई याचिकाएँ पहुँची हैं। न्यायालय ने धारा 163 की संवैधानिक वैधता पर व्यापक चुनौती को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की समकक्ष धारा 144 की वैधता पहले ही मानी जा चुकी है; पर विशिष्ट आदेशों और उनके प्रयोग की समीक्षा जारी है।
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद 19(1)(a): वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- अनुच्छेद 19(1)(b): बिना हथियारों के शांतिपूर्वक एकत्र होने का अधिकार।
- अनुच्छेद 19(3): भारत की संप्रभुता और अखंडता तथा लोक-व्यवस्था के हित में युक्तियुक्त प्रतिबंध।
BNSS धारा 163 क्या करती है?
यह कार्यपालक मजिस्ट्रेट को तात्कालिक उपद्रव या आशंकित खतरे की स्थिति में निवारक आदेश जारी करने की शक्ति देती है। इसका उद्देश्य संकट को रोकना है, न कि सामान्य परिस्थितियों में लोकतांत्रिक असहमति को स्थायी रूप से समाप्त करना। इसलिए आदेश की आवश्यकता, क्षेत्र, अवधि और अनुपातिकता महत्वपूर्ण हैं।
प्रमुख न्यायिक सिद्धांत
- बाबूलाल पराते वाद: पूर्ववर्ती धारा 144 की संवैधानिक वैधता को स्वीकार किया गया।
- हिम्मत लाल के. शाह वाद: राज्य सार्वजनिक सभाओं का विनियमन कर सकता है, किंतु मनमाने ढंग से सार्वजनिक स्थानों पर सभा की संभावना समाप्त नहीं कर सकता।
- मज़दूर किसान शक्ति संगठन वाद: विरोध और स्थानीय निवासियों के अधिकारों में संतुलन आवश्यक है।
- शाहीन बाग वाद: सार्वजनिक मार्गों का अनिश्चितकालीन अवरोध स्वीकार्य नहीं है।
UPSC विश्लेषण
लोकतंत्र में विरोध ‘अनुमति की कृपा’ नहीं, संवैधानिक स्वतंत्रता है; लेकिन यह पूर्ण अधिकार भी नहीं। उचित दृष्टिकोण है—पहले कम-प्रतिबंधकारी उपाय, स्पष्ट कारणयुक्त आदेश, सीमित अवधि, वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल और न्यायिक समीक्षा। व्यापक और बार-बार निषेधात्मक आदेश अभिव्यक्ति पर भयकारी प्रभाव डाल सकते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
प्रश्न 1. शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के एकत्र होने का मौलिक अधिकार किस अनुच्छेद में है?
- 19(1)(a)
- 19(1)(b)
- 19(1)(c)
- 21
सही उत्तर: B
व्याख्या: अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्ण और बिना हथियार सभा का अधिकार देता है।
प्रश्न 2. BNSS की धारा 163 किस पूर्ववर्ती प्रावधान के समकक्ष है?
- CrPC धारा 144
- IPC धारा 124A
- CrPC धारा 197
- IPC धारा 34
सही उत्तर: A
व्याख्या: BNSS धारा 163 ने पूर्ववर्ती CrPC धारा 144 जैसी निवारक आदेश शक्ति को स्थान दिया है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतांत्रिक असहमति का आवश्यक माध्यम है, पर लोक-व्यवस्था के नाम पर लगाए गए प्रतिबंध आनुपातिक होने चाहिए। BNSS की धारा 163 के संदर्भ में विवेचना कीजिए।