2.42 लाख विशेष ग्राम सभाएँ और ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान 2026–27
गांधी जयंती पर 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ निर्धारित की गईं और वित्त वर्ष 2027–28 की पंचायत विकास योजनाओं के लिए जन योजना अभियान शुरू हुआ।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: ग्राम सभा, पंचायत विकास योजना और स्थानीय शासन।
- मुख्य: विकेंद्रीकरण, सहभागी योजना, 73वाँ संविधान संशोधन और स्थानीय स्वशासन।
- BPSC: पंचायती राज और ग्राम-स्तरीय योजना निर्माण।
चर्चा में क्यों?
2 अक्टूबर 2026 को देशभर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ ग्राम पंचायत विकास योजना पोर्टल और पंचायत निर्णय पोर्टल पर निर्धारित थीं। इसी अवसर पर जन योजना अभियान 2026–27 ‘सबकी योजना, सबका विकास’ शुरू हुआ।
अभियान का उद्देश्य
पंचायतें वित्त वर्ष 2027–28 के लिए पंचायत विकास योजनाएँ तैयार करेंगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय नागरिकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और विभागीय योजनाओं को एक साझा सहभागी योजना-प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर है।
ग्राम सभा का संवैधानिक महत्व
ग्राम सभा ग्रामीण स्थानीय शासन में प्रत्यक्ष नागरिक भागीदारी का मूल मंच है। स्थानीय जरूरतों की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, सामाजिक जवाबदेही और विकास योजनाओं पर चर्चा इसे जमीनी लोकतंत्र का केंद्रीय संस्थान बनाते हैं।
सहभागी योजना क्यों जरूरी?
स्थानीय स्तर पर डेटा, संसाधन और समुदाय की प्राथमिकताओं का मेल योजनाओं को अधिक संदर्भ-संगत बना सकता है। चुनौती यह है कि भागीदारी औपचारिक न रह जाए और कमजोर वर्गों की आवाज वास्तविक निर्णय में शामिल हो।
प्रारंभिक परीक्षा केंद्रित तथ्य
- 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ निर्धारित।
- अभियान—‘सबकी योजना, सबका विकास’।
- अभियान अवधि—2026–27।
- पंचायत विकास योजनाएँ—वित्त वर्ष 2027–28 के लिए।
संवैधानिक पृष्ठभूमि: ग्राम सभा और पंचायती राज
भारत में पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक आधार 73वें संविधान संशोधन से मिला, जिसके बाद संविधान में भाग IX जोड़ा गया। अनुच्छेद 243A ग्राम सभा से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 243G राज्यों को पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यों के लिये शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ सौंपने का आधार देता है।
ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों से संबंधित 29 विषय सूचीबद्ध हैं। इसलिए ग्राम पंचायत विकास योजना केवल निर्माण कार्यों की सूची नहीं, बल्कि कृषि, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण और स्थानीय बुनियादी ढाँचे जैसे विविध क्षेत्रों की समेकित योजना हो सकती है।
People’s Plan Campaign क्या है?
जन योजना अभियान (People’s Plan Campaign—PPC) 2018 से पंचायतों को सहभागी, साक्ष्य-आधारित और समग्र विकास योजना बनाने में सहायता देने के लिये चलाया जा रहा है। 2026-27 का अभियान ‘सबकी योजना, सबका विकास’ वित्त वर्ष 2027-28 की पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी से जुड़ा है।
- 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएँ निर्धारित की गईं।
- अभियान में 21 केंद्रीय मंत्रालय/विभाग सहयोग कर रहे हैं।
- 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें सहभागी GPDP तैयार कर eGramSwaraj पर अपलोड करती हैं।
- पंचायत उन्नति सूचकांक स्थानीय उपलब्धियों और कमियों की पहचान में उपयोगी है।
- राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत स्थानीय विकास के 9 विषयों पर क्षमता निर्माण किया जाता है।
ग्राम पंचायत विकास योजना का चक्र
एक गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Plan—GPDP) सामान्यतः स्थानीय स्थिति का आकलन, डेटा संग्रह, ग्राम सभा में जरूरतों की पहचान, उपलब्ध संसाधनों और योजनाओं का अभिसरण, प्राथमिकता निर्धारण, परियोजना चयन, बजट, कार्यान्वयन, निगरानी और सामाजिक उत्तरदायित्व के चरणों से गुजरती है।
यहाँ “सहभागिता” केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, कमजोर वर्ग, युवाओं और स्थानीय समुदाय की वास्तविक आवाज को योजना में शामिल करने से जुड़ी है।
eGramSwaraj और डिजिटल पंचायत शासन
eGramSwaraj पंचायत योजना, कार्य प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और स्थानीय निकायों के प्रशासनिक कार्यों के लिये एक एकीकृत डिजिटल मंच है। इसका उद्देश्य योजना से लेकर लेखांकन और निगरानी तक अधिक पारदर्शिता और डेटा-आधारित निर्णय को समर्थन देना है।
परीक्षा सावधानी: eGramSwaraj को भूमि सर्वेक्षण योजना SVAMITVA से न मिलाएँ। दोनों पंचायती राज मंत्रालय से जुड़े हो सकते हैं, पर उद्देश्य अलग हैं।
स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण
वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को ग्राम स्तर पर लागू करने के लिये स्थानीय प्राथमिकताओं में बदलना आवश्यक है। पंचायत स्तर पर गरीबी-मुक्त गाँव, स्वस्थ गाँव, बाल-मित्र गाँव, पर्याप्त जल वाला गाँव, स्वच्छ एवं हरित गाँव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचा, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला-मित्र विकास जैसे विषय समेकित स्थानीय योजना से जोड़े जाते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा के उच्च-मूल्य तथ्य
- 73वाँ संविधान संशोधन — पंचायती राज से संबंधित।
- भाग IX — पंचायतें।
- अनुच्छेद 243A — ग्राम सभा।
- अनुच्छेद 243G — पंचायतों की शक्तियाँ, प्राधिकार और जिम्मेदारियाँ।
- ग्यारहवीं अनुसूची — 29 विषय।
- PPC — 2018 से सहभागी पंचायत योजना प्रक्रिया को समर्थन।
- GPDP — ग्राम पंचायत विकास योजना; eGramSwaraj से डिजिटल रूप से जुड़ी।
मुख्य परीक्षा: सहभागी योजना का महत्व और चुनौतियाँ
महत्व: स्थानीय जरूरतों के अनुरूप खर्च, योजनाओं का अभिसरण, जवाबदेही, लोकतांत्रिक भागीदारी और अंतिम छोर तक सेवा वितरण।
चुनौतियाँ: ग्राम सभा में कम भागीदारी, तकनीकी योजना क्षमता की कमी, डेटा गुणवत्ता, कमजोर वित्तीय स्वायत्तता, योजनाओं की नकल, सामाजिक प्रभुत्व और समय पर धन की उपलब्धता।
आगे की दिशा: वार्ड स्तर पर पूर्व-परामर्श, महिला/युवा सभा, स्थानीय डेटा डैशबोर्ड, सामाजिक लेखा परीक्षा, क्षमता निर्माण और परिणाम-आधारित निगरानी।
परीक्षा में संभावित भ्रम
- ग्राम सभा और ग्राम पंचायत एक ही संस्था नहीं हैं; ग्राम सभा व्यापक मतदाता-समुदाय की संस्था है, ग्राम पंचायत निर्वाचित स्थानीय निकाय है।
- ग्यारहवीं अनुसूची पंचायतों से; बारहवीं अनुसूची नगरपालिकाओं से संबंधित है।
- GPDP केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का संकलन नहीं; स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों का सहभागी विकास दस्तावेज है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ग्राम सभा किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 243A।
2. ग्यारहवीं अनुसूची में कितने विषय हैं?
29।
3. People’s Plan Campaign का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पंचायत विकास योजनाओं को सहभागी और साक्ष्य-आधारित बनाना।
4. 2026-27 अभियान किस वित्त वर्ष की योजनाएँ तैयार कर रहा है?
वित्त वर्ष 2027-28 की पंचायत विकास योजनाएँ।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: सहभागी ग्राम पंचायत विकास योजना जमीनी लोकतंत्र को कैसे सुदृढ़ कर सकती है? प्रभावी ग्राम सभा के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- 2.42 लाख+ विशेष ग्राम सभाएँ
- जन योजना अभियान 2026–27
- ‘सबकी योजना, सबका विकास’
- योजना लक्ष्य—वित्त वर्ष 2027–28