स्वावलंबन 2026 और ‘आत्मनिर्भरता 2.0’: रक्षा स्वदेशीकरण का अगला चरण
उच्च-स्तरीय स्वदेशी तकनीक, अनुसंधान, लचीली आपूर्ति-श्रृंखला और नागरिक-सैन्य दोहरे उपयोग पर रक्षा मंत्रालय का नया जोर।
27 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री ने 26 अक्टूबर 2026 को नौसेना के स्वावलंबन 2026 में रक्षा क्षेत्र के लिए “आत्मनिर्भरता 2.0” की आवश्यकता बताई। इसका जोर केवल आयात प्रतिस्थापन से आगे बढ़कर उन्नत तकनीकी श्रेष्ठता पर है।
मुख्य प्राथमिकताएँ
- उच्च-स्तरीय स्वदेशी तकनीक और मजबूत अनुसंधान एवं विकास।
- महत्वपूर्ण तकनीक, उद्योग और संसाधनों की पहचान वाली समयबद्ध आपूर्ति-श्रृंखला योजना।
- उद्योग–शैक्षणिक संस्थान सहयोग और युवाओं के लिए अनुसंधान अवसर।
- नागरिक और सैन्य दोनों उपयोग वाली तकनीक तथा तीनों सेनाओं में साझा उपयोग को बढ़ावा।
परीक्षा महत्व
रक्षा आत्मनिर्भरता को केवल घरेलू संयोजन से नहीं मापा जाना चाहिए। डिजाइन क्षमता, सामग्री, सेंसर, इंजन, चिप, सॉफ्टवेयर और जीवन-चक्र रखरखाव में स्वदेशी नियंत्रण रणनीतिक स्वायत्तता का वास्तविक आधार है।