12वाँ राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास 2026: पारादीप तट पर SAREX-2026
भारतीय तटरक्षक बल द्वारा पारादीप तट पर 7–8 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास आयोजित किया जा रहा है।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक परीक्षा: भारतीय तटरक्षक बल, समुद्री खोज एवं बचाव तंत्र और तटीय सुरक्षा।
- मुख्य सामान्य अध्ययन–III: आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा, अंतर-एजेंसी समन्वय और हिंद महासागर क्षेत्र।
चर्चा में क्यों?
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard—ICG) 7 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के पारादीप तट पर 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास (National Maritime Search and Rescue Exercise—SAREX-2026) का उद्घाटन आयोजित कर रहा है। 8 अक्टूबर को खोज एवं बचाव (Search and Rescue—SAR) प्रदर्शन निर्धारित है। भुवनेश्वर में 24वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड (National Maritime Search and Rescue Board—NMSAR Board) बैठक भी कार्यक्रम का हिस्सा है।
समय-संदर्भ: यह पृष्ठ 7 अक्टूबर की सुबह तैयार किया गया है, इसलिए उद्घाटन को पहले से पूर्ण घटना के रूप में नहीं लिखा गया है।
अभ्यास का मुख्य परिदृश्य
अभ्यास में सामूहिक बचाव अभियान (Mass Rescue Operation—MRO) का जटिल परिदृश्य रखा गया है—समुद्र में 228 व्यक्तियों वाले यात्री विमान का आपात अवतरण और उसके बाद कंटेनर पोत MV Zumba से टक्कर जैसी संयुक्त वैमानिक-समुद्री आपदा का अनुकरण।
प्रमुख भागीदारी और संसाधन
- 15 तटरक्षक जहाज, 2 डॉर्नियर विमान, 3 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (Advanced Light Helicopters—ALH) और एक चेतक हेलीकॉप्टर।
- भारतीय वायुसेना के C-130J और Mi-17 तथा भारतीय नौसेना के 2 जहाज।
- 30 देशों से 32 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक।
- राज्य, नागरिक और तटीय एजेंसियों की बहु-एजेंसी भागीदारी।
अंतर-एजेंसी समन्वय क्यों महत्वपूर्ण है?
बड़े समुद्री हादसों में तटरक्षक, नौसेना, वायुसेना, बंदरगाह, राज्य प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक जहाजरानी के बीच वास्तविक समय सूचना-साझाकरण आवश्यक होता है। SAREX इस समन्वय, संकट-संचार, खोज क्षेत्र निर्धारण, चिकित्सा निकासी और संसाधनों की तीव्र तैनाती का परीक्षण करता है।
SAGAR और MAHASAGAR से संबंध
क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (Security and Growth for All in the Region—SAGAR) भारत के हिंद महासागर सहयोग दृष्टिकोण से जुड़ा है। इसके विस्तृत समुद्री दृष्टिकोण के रूप में क्षेत्रों के बीच सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions—MAHASAGAR) की अवधारणा सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की भागीदारी समुद्री आपदा प्रतिक्रिया में सहयोग और पारस्परिकता को मजबूत करती है।
भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका
भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में सशस्त्र बल है। समुद्री खोज एवं बचाव समन्वय, तटीय सुरक्षा, समुद्री पर्यावरण संरक्षण, तस्करी-रोधी कार्रवाई, मत्स्य संरक्षण और भारत के समुद्री हितों की रक्षा इसके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
प्रश्न: निम्न कथनों पर विचार कीजिए— (1) भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन है। (2) SAREX-2026 का आयोजन पारादीप तट पर है। (3) MAHASAGAR का पूर्ण रूप “Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions” है। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर: 1, 2 और 3।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
समुद्री खोज एवं बचाव क्षमता तटीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन दोनों का साझा क्षेत्र है। SAREX-2026 के संदर्भ में भारत की अंतर-एजेंसी और क्षेत्रीय समुद्री सहयोग क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- SAREX-2026 → 12वाँ राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास
- स्थान → पारादीप तट, ओडिशा
- उद्घाटन निर्धारित → 7 अक्टूबर 2026
- SAR प्रदर्शन → 8 अक्टूबर 2026
- अंतरराष्ट्रीय भागीदारी → 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक
- MAHASAGAR → Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions